- महिला आरक्षण संशोधन बिल पर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे
- लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर कुल अठारह घंटे चर्चा के बाद 16 और 17 अप्रैल को मतदान किया जाएगा
- राज्यसभा में बिल पर 10 घंटे चर्चा के बाद मतदान होगा तथा 16 और 17 अप्रैल को उपसभापति के चुनाव भी होंगे
महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर लोकसभा में अहम चर्चा होने वाली है. सूत्रों की तरफ से बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बिल पर लोकसभा में बोलेंगे और सरकार के इस ऐतिहासिक कदम के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा का जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे. लोकसभा में इस मुद्दे पर 16 और 17 अप्रैल को चर्चा और उसके बाद वोटिंग कराई जाएगी. महिला आरक्षण बिल के लिए लोकसभा में कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है.
राज्यसभा में चर्चा, वोटिंग और उपसभापति चुनाव
इसके बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा और वोटिंग होगी. राज्यसभा में चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है. सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान राज्यसभा में 16 और 17 अप्रैल को उपसभापति का चुनाव भी होगा. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है.
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सीटें बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े प्रावधान
विधेयक में निर्वाचन क्षेत्रों का फिर से निर्धारण करने के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा. विधेयक संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन का प्रस्ताव करता है. इसमें कहा गया है कि ‘‘लोकसभा में राज्यों के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए 815 से अधिक सदस्य नहीं होंगें और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 35 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जो संसद द्वारा पारित कानून के तहत प्रदान किए गए तरीके से चुने जाएंगे.'' विधेयक के अनुसार, 'जनसंख्या' अभिव्यक्ति से तात्पर्य उस जनगणना में सुनिश्चित की गई जनसंख्या से है, जिसके संबंधित आंकड़े प्रकाशित किए जा चुके हैं. फिलहाल 2011 की जनगणना के आंकड़े उपलब्ध हैं.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने की तैयारी
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को शीघ्रता से लागू करने के लिए सरकार बृहस्पतिवार को लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन कानून से जुड़ा एक विधेयक और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी (विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों) के लिए एक विधेयक लाने की योजना बना रही है. मसौदा संविधान संशोधन विधेयक में कहा गया है, 'अत: प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेशों में महिलाओं (जिनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं भी शामिल हैं) के लिए एक-तिहाई आरक्षण को लागू करना है. यह आरक्षण उस परिसीमन कवायद के माध्यम से लागू किया जाएगा, जो नवीनतम प्रकाशित जनगणना के जनसंख्या आंकड़ों पर आधारित होगा.'
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