पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान बातचीत की टेबल पर तो आए लेकिन दोनों में कोई बात नहीं बनी. इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली बातचीत बेनतीजा रही है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कई मुद्दों पर बात हुई लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. उन्होंने कहा कि वह बिना किसी डील के अमेरिका वापस लौट रहे हैं. हालांकि, इससे पहले व्हाइट हाउस और ईरान, दोनों ने कहा था कि कुछ मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी है
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के साथ शनिवार को इस बात पर चर्चा की कि सीजफायर को कैसे आगे बढ़ाया जाए. दो हफ्तों का यह सीजफायर लेबनान में इजरायली हमलों के कारण खतरे में है.
अब तक क्या-क्या हुआ?
- अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉप और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं. वहीं, ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबा, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सीनियर डिप्लोमैट अली बाघेरी कानी शामिल हैं.
- बातचीत दोपहर 1 बजे इस्लामबाद के सेरेना होटल में ईरानी नेताओं ने बातचीत शुरू की थी. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत से पहले ईरानी नेताओं ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी. यह चर्चा 15 घंटे से भी ज्यादा चली और रविवार तड़के लगभग 3 बजकर 40 मिनट पर खत्म हुई.
- अमेरिका और ईरान के बीच ये बातचीत इस्लामाबाद के सेरेना होटल में हो रही है. पाकिस्तान इसमें मध्यस्थता कर रहा है. अमेरिकी और ईरानी नेता अलग-अलग कमरे में बैठे हैं और पाकिस्तान एक-दूसरे तक मैसेज भेज रहा है.
- ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दिनभर चली बातचीत के बाद दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने दिनभर बनी सहमति को लिखित रूप में दर्ज किया और एक-दूसरे से दस्तावेज साझा किए.
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'वे कई घंटों से मिल रहे हैं. हम देखेंगे कि क्या होता है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. जीत हमारी ही होगी. हो सकता है कि वे कोई डील करलें. हो सकता है कि न करें. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. अमेरिका के नजरिए से जीत हमारी ही है. जहाज रवाना हो रहे हैं और हमारे देश की ओर बढ़ रहे हैं. हम बड़े-बड़े टैंकरों में तेल और गैस भर रहे हैं.'
- ईरान का कहना है कि कुछ मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रहेगा. ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के प्रस्ताव पर और ईरान और अमेरिका की टीमों की सहमति से बातचीत का एक राउंड और होगा.
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ईरान ने हमारी बातचीत नहीं मानी. उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी और हमने उन्हें अपनी रेड लाइन्स बता दी थीं लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी. उन्होंने कहा कि वह बिना डील के अमेरिका वापस जा रहे हैं.
ताबड़तोड़ हमलों के बाद खुद लेबनान पहुंच गए नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को दक्षिणी लेबनान पहुंचे. उन्होंने यहां इजरायली सैनिकों मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया. लेबनान में इजरायल के सैनिकों के साथ मुलाकात का एक छोटा वीडियो नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा- आज लेबनान में अपने वीर लड़ाकों के साथ. इस वीडियो में भी उन्होंने अपने सैनिकों के लिए एक मैसेज भी दिया. न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में सैनिकों से मुलाकात के दौरान कहा कि इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के हमले के खतरे को खत्म कर दिया है.
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ईरान ने होर्मुज की ओर बढ़ रहे दो पाकिस्तानी तेल टैंकरों को भेजा वापस
ईरान ने होर्मुज की ओर बढ़ रहे दो पाकिस्तानी तेल टैंकरों को वापस भेज दिया है. ईरान की 'FARS' न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी झंडे के तहत चल रहे दो तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौट आए हैं; इससे यह संकेत मिलता है कि वे वहां से गुजरने में सफल नहीं हो पाए. समाचार एजेंसी ने बताया कि इन टैंकरों के नाम 'खैरपुर' और 'शालिमार' थे. मालूम हो कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे जंग को रुकवाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच हुई बातचीत की भी मध्यस्थता की है.
ट्रंप ने हो
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही. करीब 21 घंटे तक चली इस बातचीत के विफल होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखे एक लंबे पोस्ट में इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बारे में काफी डिटेल से जानकारी दी. ट्रंप ने इस पोस्ट में ईरान को फिर से लताड़ लगाई. साथ ही होर्मुज के टोल टैक्स को लेकर पूरी दुनिया को एक बड़ी चेतावनी भी दी. वैश्विक तेल कारोबार के अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकाबंदी से परेशान ट्रंप ने दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को टोल देने वाले देशों को रास्ता नहीं देंगे.
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पोस्ट पर लिखे लंबे पोस्ट में होर्मुज नाकाबंदी पर लिखा- "मैंने अपनी (US) नेवी को यह निर्देश दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद हर उस जहाज को ढूंढ़ें और रोकें, जिसने ईरान को कोई टोल दिया है. जो कोई भी गैर-कानूनी टोल देगा, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा."
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दक्षिणी लेबनान में पिता के जनाजे में शामिल बच्ची की मौत
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दक्षिणी लेबनान के पोर्ट शहर टायर में पिता के जनाजे में शामिल एक बच्ची की मौत हो गई. तलीन नामक यह बच्ची अभी दो साल की नहीं हुई थी. तलीन की बहन एलीन सईद ने बताया कि पिछले हफ्ते दक्षिणी लेबनान में अपने घर पर हुए इजरायली हमले में बाल-बाल बची थी. वह अपने पिता को दफनाने के लिए वहां मौजूद थी, लेकिन तभी हुए नए हमले में उसकी छोटी बहन और दूसरे रिश्तेदारों की जान चली गई.
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इस्लामाबाद ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद अब क्या चल रहा?
इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद दोनों पक्ष के नेता अपने-अपने तर्क दे रहे हैं.
- ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ का कहना है कि पाकिस्तान में हुई लंबी बातचीत के दौरान US आखिरकार ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में नाकाम रहा.
- दूसरी ओर US प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इससे पहले कहा था कि बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई, क्योंकि ईरानियों ने "अंतिम और सबसे अच्छे प्रस्ताव" को स्वीकार नहीं किया.
- इधर दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमले लगातार जारी हैं, जिसमें काना शहर में कम से कम 5 लोग और मारूब में छह लोग मारे गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 2 मार्च से अब तक लेबनान पर हुए इज़रायली हमलों में कम से कम 2,020 लोग मारे गए हैं और 6,436 अन्य घायल हुए हैं.
- जंग के इस हालात के बीच ऑस्ट्रेलिया और UK के अधिकारियों ने इस बात पर निराशा जताई है कि इस्लामाबाद में US-ईरान बातचीत रुक गई है. ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है.
- वहीं ईरान के उप तेल मंत्री का कहना है कि ईरान अगले दो महीनों में अपनी क्षतिग्रस्त रिफाइनिंग और वितरण सुविधाओं को उनकी पिछली क्षमता के लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक बहाल करने की कोशिश कर रहा है.
अमेरिका ईरान का भरोसा नहीं जीत सका... इस्लामाबाद वार्ता विफल होने पर बोले गालिबाफ
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल रहने पर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ का बयान सामने आया है. इस बातचीत में ईरानी डेलिगेशन को लीड कर रहे मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा- बातचीत के ताजा दौर में ईरान की सद्भावना और रचनात्मक प्रस्तावों के बावजूद, अमेरिका ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहा.
ईरान ने बातचीत में पूरी गंभीरता के साथ हिस्सा लिया, लेकिन पिछली लड़ाइयों के पुराने अनुभवों की वजह से तेहरान के मन में शंका बनी रही. ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने भविष्योन्मुखी पहलें पेश कीं, फिर भी दूसरा पक्ष आखिरकार भरोसा कायम नहीं कर सका. अब अमेरिका ईरान के सिद्धांतों को समझ चुका है, और उसे यह तय करना होगा कि क्या वह ईरान का भरोसा जीत सकता है.
ईरान ने कहा- कूटनीति कभी खत्म नहीं होती
IRNA न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई से जब पूछा गया कि क्या कूटनीति खत्म हो गई है, तो उन्होंने जवाब दिया, “कूटनीति कभी खत्म नहीं होती.” बाघेई ने ईरानी मीडिया से कहा, “कूटनीतिक तंत्र राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने, उनकी रक्षा करने और उन्हें बनाए रखने का एक साधन है.” उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “ईरान, पाकिस्तान और मित्र देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी.”
ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी इस्लामाबाद से लौटा
अमेरिका के साथ बातचीत फेल होने के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल में भी इस्लामाबाद से रवाना हो गया है. इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस निकल चुके हैं. ईरानी प्रतिनिधिमंडल में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत 70 से ज्यादा लोग थे.
The Iranian delegation, after several rounds of negotiations, left Pakistan a few minutes ago.
— Mehr News Agency (@MehrnewsCom) April 12, 2026
जेडी वेंस इस्लामाबाद से रवाना
ईरान के साथ इस्लामाबाद में बातचीत फेल होने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति अब अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं. जेडी वेंस का विमान इस्लामाबाद से उड़ान भर चुका है.
2-3 मामलों में मतभेद थेः ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान और अमेरिका ने कई मुद्दों पर बात की. कई मुद्दों पर एक राय बन गई थी लेकिन 2-3 मामलों पर मतभेद थे. उन्होंने कहा कि यह बातचीत अविश्वास और संदेह के माहौ में हुई थी स्वाभाविक है कि हमें शुरू से ही यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए थी कि एक ही बैठक में कोई समझौता हो जाएगा.
बातचीत से हटने का बहाना ढूंढ रहा था अमेरिकाः ईरान
ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही है. ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के करीबी सूत्र के हवाले से बताया है कि अमेरिका बातचीत की मेज से हटने का कोई बहाना ढूंढ रहा था. सूत्र ने कहा, 'अमेरिकियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी खोई हुई साख को बचाने के लिए बातचीत की जरूरती थी र ईरान के साथ युद्ध में हार और गतिरोध के बावजूद वे अपनी उम्मीदें कम करने को तैयार नहीं थे.' सूत्र ने यह भी बताया कि ईरान के पास बातचीत के अगले राउंड की कोई योजना नहीं है.
जेडी वेंस बोले- यह बुरी खबर है
जेडी वेंस ने कहा कि 'बातचीत में जो भी कमियां रहीं, वह पाकिस्तानियों की वजह से नहीं थीं. उन्होंने बहुत ही शानदार काम किया और सचमुच हमारी और ईरानियों की मदद करने की कोशिश की, ताकि हमारे बीच की खाई पट सके और कोई समझौता हो सके. हम पिछले 21 घंटों से इस काम में लगे हुए हैं और हमने ईरानियों के साथ कई अहम चर्चाएं की हैं.' उन्होंने कहा, 'बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं और मुझे लगता है कि यह अमेरिका के मुकाबले ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है. इसलिए हम बिना किसी समझौते पर पहुंचे ही अमेरिका वापस जा रहे हैं. हमने यह बहुत साफ कर दिया है कि हमारी रेड लाइन्स क्या हैं. हम किन बातों को मानने को तैयार हैं और किन बातों पर हम उनकी बात नहीं मानेंगे. लेकिन उन्होंने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया.'
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— NDTV India (@ndtvindia) April 12, 2026
जेडी वेंस बोले- बिना डील के लौट रहे हैं
इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान ने हमारी शर्तें नहीं मानीं. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ कई मुद्दों पर बातचीत हुई लेकिन किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए हैं. उन्होंने इसे बुरी खबर बताई. उन्होंने कहा कि बिना किसी डील के अमेरिका वापस लौट रहे हैं.
होर्मुज पर पाकिस्तान ने रखा प्रस्ताव
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच असहमति बनी हुई है. इस बीच अल-जजीरा ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक प्रस्ताव रखा है. इसमें उसने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रेगुलेट करने का प्रस्ताव दिया है. साथ ही जॉइंट पेट्रोलिंग का प्रस्ताव भी शामिल है.
थोड़ी देर में जेडी वेंस की प्रेस कॉन्फ्रेंस
ईरानी नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं. कुछ ही देर में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होगी.
ईरान की मांगें क्या हैं?
दो हफ्ते के सीजफायर के दौरान ईरान ने अपनी 10 शर्तें बताई थीं. ईरान उन्हीं पर अड़ा है. ईरान ने एक बार फिर कहा कि इस्लामाबाद में कई मुद्दों पर बातचीत हुई. इनमें होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम, युद्ध का हर्जाना, प्रतिबंधों को हटाना और ईरान और लेबनान समेत क्षेत्र में चल रहे युद्ध को पूरी तरह खत्म करना शामिल है.
क्यों नहीं बनी बातचीत?
15 घंटे लंबी बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला. सूत्रों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर असहमति बनी हुई है, जिस कारण बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. सूत्रों ने बताया कि ईरानी टीम ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना फुल कंट्रोल बनाए रखने पर जोर दिया. साथ ही साथ यहां से निकलने वाले जहाजों पर टोल लगाने का अधिकार भी मांगा.
सीधी बातचीत लेकिन कोई नतीजा नहीं
शनिवार दोपहर को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू हुई थी, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा था. हालांकि, देर रात अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने आमने-सामने बैठकर सीधी बातचीत की लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला.
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