- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ है, जिससे सफर का समय कम होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा है, जो कई राज्यों और शहरों को जोड़कर मार्च 2026 तक पूरा होगा.
- गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, जिसका मुख्य हिस्सा 2026 के मध्य तक पूरा होगा.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन हुआ है. करीब 12,000 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट न केवल सफर के समय को कई घंटे कम कर देगा, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देगा. यह साल सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से आम जनता के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. दिल्ली-देहरादून मार्ग के अलावा, देश के कई अन्य महत्वपूर्ण हाईवे और एक्सप्रेसवे भी इस साल यातायात के लिए खुल सकते हैं.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे (1,386 किमी) है. इसके कई हिस्से पहले ही चालू हो चुके हैं, लेकिन पूरे प्रोजेक्ट (दिल्ली से मुंबई तक) का उद्घाटन मार्च 2026 तक होने की उम्मीद है. दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे का रूट कई अहम राज्यों और शहरों को जोड़ता है. यह एक्सप्रेसवे गुरुग्राम से शुरू होकर राजस्थान के जयपुर और सवाई माधोपुर से गुजरेगाय. यह मध्य प्रदेश के रतलाम होते हुए गुजरात के वडोदरा तक पहुंचेगा है और अंत में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में समाप्त होगा.
गंगा एक्सप्रेसवे (उत्तर प्रदेश)
मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा. इसका मुख्य हिस्सा 2026 के मध्य तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित विस्तारों, जिनमें मेरठ-हरिद्वार, नोएडा-जेवर और चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं, के साथ-साथ प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की भी समीक्षा की गई, जो प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, वाराणसी, चंदौली, और सोनभद्र को जोड़ेंगे.
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे
650 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ेगा. इसका उद्घाटन 2026 के मध्य तक होने की संभावना है, जिससे दिल्ली से कटरा (वैष्णो देवी) की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है और जल्द ही इसे सांबा जिले के विजयपुर तक खोल दिया जाएगा. शेष हिस्से का निर्माण कार्य जारी है और आने वाले महीनों में इसके पूरा होने की उम्मीद है. एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, कनेक्टिविटी में सुधार होगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर
लगभग 1,257 किमी लंबे इस कॉरिडोर का राजस्थान वाला हिस्सा पहले ही खुल चुका है. पूरे प्रोजेक्ट का आधिकारिक उद्घाटन 2026 में होने की उम्मीद है, जो उत्तर भारत के औद्योगिक केंद्रों को गुजरात के बंदरगाहों से जोड़ेगा.
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन)
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का एक प्रमुख खंड (सूरत-बिलिमोरा के बीच) 2026 में शुरू होने के लिए तैयार है. हाल ही में इसके स्टेशनों और सुरंगों के काम में तेजी देखी गई है.
अन्य महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे
- बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (262 किमी): दक्षिण भारत के दो प्रमुख व्यापारिक शहरों के बीच की दूरी कम करेगा.
- रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच माल ढुलाई को तेज करेगा.
- अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे: गुजरात के नए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
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