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कोई दल नहीं करेगा विरोध, दुनिया को देंगे संदेश...‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा एक ऐतिहासिक और गैर‑पक्षपातपूर्ण विधेयक बताया है.

कोई दल नहीं करेगा विरोध, दुनिया को देंगे संदेश...‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
  • केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा ऐतिहासिक विधेयक बताया है
  • उन्होंने विपक्ष से इस बिल का समर्थन करने और संसद में इसे शीघ्र पारित करने की अपील की है
  • किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बिल सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश और सभी राजनीतिक दलों का सामूहिक प्रयास है
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नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा एक ऐतिहासिक और गैर-पक्षपातपूर्ण विधेयक बताया है. उन्होंने विपक्ष से भी इस बिल का समर्थन करने की अपील की और संसद में इसे जल्द से जल्द पारित करने का आग्रह किया. दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि यह अधिनियम सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश और सभी राजनीतिक दलों का बिल है. उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में प्रतिनिधित्व देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है, इसलिए इसे किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं माना जा सकता.

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सभी दलों का सहयोग, राजनीति से ऊपर बिल: रिजिजू

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी दलों का धन्यवाद किया है, क्योंकि जब यह विधेयक पहले पास हुआ था तब सभी ने सहयोग दिया था. अब सरकार जो संशोधन लेकर आ रही है, वह भी किसी पार्टी विशेष का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास है. रिजिजू ने बताया कि उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया है और कई बैठकों के माध्यम से संवाद भी हुआ है. हालांकि, कुछ दलों की ओर से राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि अंत में सभी दल मिलकर इस विधेयक को समर्थन देंगे.

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संसद में एकजुट समर्थन की अपील, देरी पर आपत्ति

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों को पत्र लिखकर और महिलाओं के नाम संदेश भेजकर भी इस बात पर जोर दिया है कि यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का बिल है, जिसे एकजुट होकर पारित करना चाहिए. 16, 17 और 18 अप्रैल को जब इस विधेयक पर चर्चा होगी, तब सभी दलों को एकजुट होकर यह संदेश देना चाहिए कि भारत महिला सशक्तीकरण के मामले में दुनिया में सबसे आगे है. इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष का कोई भेद नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल में अब और देरी नहीं की जा सकती, क्योंकि हर दिन महत्वपूर्ण है. सरकार इसे जल्द से जल्द पारित करना चाहती है और उन्हें उम्मीद है कि कोई भी राजनीतिक दल इसका विरोध नहीं करेगा, भले ही अपनी राय रखे.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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