- पश्चिम बंगाल के रुझानों में बीजेपी 192 सीटों पर आगे चल रही है जबकि टीएमसी 95 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है
- चार जिलों अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, झारग्राम और पश्चिमी बर्धमान में बीजेपी 23 में से 22 सीटों पर लीड कर रही है
- 2014 से लगातार प्रयासों के बाद बीजेपी ने 2021 में 77 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की थी
2019 के लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 42 में से 18 सीटें जीतीं तो लगा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता में आ जाएगी. ऐसा हुआ तो नहीं, लेकिन 2021 में बीजेपी ने बंगाल की 77 सीटें जीत लीं. लेकिन अब 5 साल बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी अपने दम पर बंगाल में सरकार बनाती दिख रही है.
पश्चिम बंगाल की 293 सीटों पर आए अब तक के रुझानों में बीजेपी 192 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, 15 साल से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 95 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं.
अब तक के रुझानों में बंगाल का नक्शा देखें तो पूरा भगवा नजर आता है. अब तक के जो रुझान सामने आए हैं, उनमें बंगाल के 4 जिले ऐसे हैं, जहां की 23 में से 22 सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है. ये चार जिले हैं- अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, झारग्राम और पश्चिमी बर्धमान. अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी नॉर्थ तो झारग्राम और पश्चिमी बर्धमान साउथ बंगाल में आते हैं.

4 जिले, जहां BJP का दबदबा
- अलीपुरद्वार: यहां 5 सीटें- कुमारग्राम, कालचीनी, अलीपुरद्वार, फलाकाटा और मदारीहाट है. पांचों जगह बीजेपी को लीड है. कुमारग्राम में मनोज कुमार ओरांव, कालचीनी में बिशाल लामा, अलीपुरद्वार में पारितोष दास, फलाकाट में दीपक बरमान और मदारीहाट में लक्ष्मण लिंबू बढ़त बनाए हुए हैं.
- जलपाईगुड़ी: इस जिले में 7 सीटें- धूपगिरी, मैनागुरी, जलपाईगुड़ी, राजगंज, दाबग्राम-फूलबाड़ी, मल और नागराकाटा हैं. सातों सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है. धूपगिरी में नरेश रॉय, मैनागुरी में दालिम चंद्र रॉय, जलपाईगुड़ी में अनंत देब अधिकारी, राजगंज में दिनेश सरकार, दाबग्राम-फूलबाड़ी में शिखा चटर्जी, मल में सुकरा मुंडा, नागराकाटा में पुना भेंगरा आगे चल रहे हैं.
- झारग्राम: यहां 4 सीटें- नयाग्राम, गोपीबल्लवपुर, झारग्राम और बीनपुर हैं. चारों पर बीजेपी आगे चल रही है. नयाग्राम में अमिया किसू, गोपीबल्लवुपर में राजेश महाता, झारग्राम में लक्ष्मीकांत साहू और बीनपुर में डॉ. प्रनत टुडु आगे हैं.
- पश्चिमी बर्धमान: यहां 7 सीटें- पांडावेश्वर, दुर्गापुर (पूर्व), दुर्गापुर (पश्चिम), रानीगंज, जमुरिया, आसनसोन (दक्षिण) और आसनसोल (उत्तर) हैं. 6 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. पांडावेश्वर में जितेंद्र कुमार तिवारी, दुर्गापुर (पूर्व) में चंद्र शेखर बनर्जी, दुर्गापुर (पश्चिम) में लक्ष्मण चंद्र घोरुई, रानीगंज में पार्थ घोष, जमुरिया में डॉ. बिजान मुखर्जी, आसनसोल (दक्षिण) में अग्निमित्रा पॉल और आसनसोल (उत्तर) में टीएमसी के मलय घातक आगे चल रहे हैं.
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77 से 190 पार कैसे पहुंची बीजेपी?
बंगाल में बीजेपी की इतनी बड़ी जीत के पीछे सालों की मेहनत है. बीजेपी नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार कहा कि जहां श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ, उसी बंगाल में बीजेपी सरकार नहीं बना पाई. अब बंगाल में जब बीजेपी की सरकार बननी लगभग तय हो गई है, तब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कहा कि जहां श्यामाप्रसाद मुखर्जी पैदा हुए थे, वहां भी अब बीजेपी आ गई है.
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया. बंगाल में बीजेपी का वोट शेयर भी बढ़ा. 2016 के चुनाव में बीजेपी 3 सीटें ही जीत सकीं. 2021 के चुनाव में बीजेपी ने लंबी छलांग लगाते हुए 77 सीटें जीत लीं. बीजेपी को 38 फीसदी वोट मिले. हालांकि, 2021 में ही लग रहा था कि बीजेपी सरकार बना सकती है, लेकिन ममता बनर्जी की टीएमसी ने 214 सीटें जीत लीं.
बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका 2024 के लोकसभा चुनाव में लगा. 2024 में बीजेपी बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 12 ही जीत पाई. उसका वोट शेयर भी घटकर 39 फीसदी पर आ गया.
लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने बड़ी रणनीति बनाई. इस बार चुनाव में बीजेपी के लिए 'M' फैक्टर काम कर गया. M माने महिला, माइनॉरिटी, मशीनरी, मनी-मसल और ममता-मोदी. बीजेपी ने अपने चुनाव में महिलाओं पर फोकस किया. मनी-मसल में भी बीजेपी कमोबेश टीएमसी से आगे ही रही. SIR के जरिए बहुत सारे माइनॉरिटी के नाम हटाए गए. ये वे थे जो अपनी नागरिकता का सबूत नहीं दे पाए.
इसके अलावा, इस चुनाव में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थी. पीएम मोदी ने कई रैलियां कीं. उन्होंने अपनी रैलियों में ममता बनर्जी का नाम सीधे नहीं लिया. उन्होंने टीएमसी को घेरा. ममता का नाम सीधे लेने से बीजेपी को नुकसान हो सकता था. इसलिए इससे बचा गया.
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