विज्ञापन

हरा, नीला, लाल, काला... दो नहीं अब 4 रंग के डस्टबिन हर घर के लिए अनिवार्य, नियम तोड़ने पर जुर्माना

यह नियम सभी पर लागू होगा, जिसमें निजी घर, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, दुकानें, कमर्शियल संस्थान, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थान शामिल हैं.

हरा, नीला, लाल, काला... दो नहीं अब 4 रंग के डस्टबिन हर घर के लिए अनिवार्य, नियम तोड़ने पर जुर्माना
अब हर घर के लिए 4 अलग-अलग रंग के डस्टबिन अनिवार्य कर दिए गए है.
NDTV
चेन्नई:

Green Blue Red Black Dustbin Rule: अभी तक कचरे को दो तरीकों से बांटा जाता था- गीला कचरा और सूखा कचरा. इसके लिए हरे डस्टबिन में गीला कचरा रखा जाता था और नीले डस्टबिन में सूखा कचरा. लेकिन अब इसे चार भागों में बांटना जरूरी हो गया है. इसके तहत आपको 4 अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखने होंगे. हरा, नीला, लाल और काला. बीते दिनों केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने इस नियम की घोषणा की थी. अब चेन्नई में इस नियम को सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है. नियम नहीं मानने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. 

दरअसल ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) ने शहर भर में कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया है. इसका मकसद कचरा प्रबंधन को मजबूत करना और लैंडफिल तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा को कम करना है.

घर, दुकान, स्कूल, दफ्तर... सभी पर लागू होगा नियम

यह नियम सभी पर लागू होगा, जिसमें निजी घर, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, दुकानें, कमर्शियल संस्थान, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थान शामिल हैं. निगम ने चेतावनी दी है कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 का पालन न करने पर जुर्माना और नगरपालिका कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है.

निवासियों और संस्थानों को कचरा कलेक्शन के लिए आने वाले सफाई कर्मचारियों को सौंपने से पहले उसे चार कैटेगरी में बांटना होगा.

  • हरा डस्टबिनः हरे डस्टबिन में गीला कचरा जैसे खाने के अवशेष और सब्जियों के छिलके डाले जाएंगे. 
  • नीला डस्टबिनः अन्य रिसाइकिल होने वाला सूखा कचरा के लिए नीले डिब्बे का इस्तेमाल करना होगा.
  • लाल डस्टबिनः लाल डस्टबिन में सैनिटरी कचरा, जिसमें इस्तेमाल किए हुए डायपर और सैनिटरी नैपकिन शामिल हैं, इसे सुरक्षित तरीके से लपेटकर डालना होगा.
  • काला डस्टबिनः घरेलू खतरनाक कचरा, जैसे बैटरी, बिजली के बल्ब, इलेक्ट्रॉनिक कचरा, एक्सपायर्ड दवाएं और केमिकल के लिए काला डिब्बा का इस्तेमाल करना होगा.

डोर-टू-डोर कलेक्शन में भी चार रंगों के कंटेनर लगेंगे

अलग किए गए कचरे को ले जाने के दौरान डोर-टू-डोर कलेक्शन में इस्तेमाल होने वाले बैटरी वाले वाहनों में भी चार रंगों के कंटेनर लगाए गए हैं. सभी 200 वार्डों के सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल वही कचरा लें जो स्रोत पर सही तरीके से अलग किया गया हो.

सेग्रिगेट वेस्ट सेव टुमॉरो अभियान के बाद बनाए गए नियम

यह आदेश दक्षिणी चेन्नई में शुरू की गई एक बड़ी जागरूकता पहल के बाद आया है. 22 अगस्त को जीसीसी ने 40 दिन का 'सेग्रिगेट वेस्ट - सेव टुमॉरो' अभियान शुरू किया था, जिसमें घर-घर जाकर लोगों को कचरे को अलग करने के महत्व के बारे में बताया गया. शुरुआती चरण में पांच जोन के हर जोन में 1,000 घरों को कवर किया गया. इसमें शामिल परिवारों को नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरा अलग रखने के लिए बैग भी दिए गए. निगम की योजना धीरे-धीरे इस अभियान को पांचों जोन के 50,000 घरों तक पहुंचाने की है.

अधिकारियों ने बताया क्यों लागू किया गया यह नियम

अधिकारियों का कहना है कि घर और संस्थान स्तर पर सही बंटवारे से रिसाइकिल होने वाली सामग्री को बेहतर तरीके से निकाला जा सकेगा, सड़ने वाले कचरे से खाद बनाना आसान होगा और आगे की प्रक्रिया ज्यादा कारगर होगी. इससे चेन्नई के डंपिंग ग्राउंड पर बोझ भी कम होगा और रिसाइकिल होने वाला तथा खतरनाक कचरा आम कचरे में मिलने से बचेगा.

जीसीसी ने लोगों, संस्थानों और व्यापारियों से सफाई कर्मचारियों का सहयोग करने और रंग-कोड वाले सिस्टम का लगातार पालन करने की अपील की है. नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है.

यह भी पढ़ें - अब 2 नहीं 4 डस्टबिन में देना होगा कचरा, नियम तोड़ा तो नहीं उठेगा कूड़ा, जानिए कौन से रंग में क्या डालें

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Waste Segregation, Waste Segregation Bins, Waste Segregation India, Dustbin, 4 Dustbin System Rules India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com