विज्ञापन

बेटियों की शादी के लिए नहीं मिले 1.10 लाख, पूर्व कलेक्टर और श्रम आयुक्त के नाम निकला वारंट

राजस्थान शुभशक्ति योजना के तहत एक महिला ने अपनी दो बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि मांगी थी.

बेटियों की शादी के लिए नहीं मिले 1.10 लाख, पूर्व कलेक्टर और श्रम आयुक्त के नाम निकला वारंट
शादी के लिए सरकारी सहायता मांगी गई थी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Unsplash

राजस्थान के जालोर जिले में दो बेटियों की शादी के लिए सरकारी सहायता राशि नहीं मिलने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व कलेक्टर और श्रम आयुक्त को तलब किया है. आयोग ने वर्ष 2021 में अपने आदेश की पालना नहीं होने को अवमानना ठहराते हुए कार्रवाई शुरू की है. आयोग ने मामले में जालोर की पूर्व कलेक्टर और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है.  वारंट की तामील और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आयोग ने जालोर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर विशेष वाहक के माध्यम से वारंट की तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं.

बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि - क्या है पूरा मामला

यह मामला रानीवाड़ा क्षेत्र का है. वहां मोवनी देवी ने अपनी दो बेटियों विमला और संगीता के विवाह के लिए राजस्थान शुभशक्ति योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था. लेकिन उन्हें यह राशि नहीं मिली जिसके बाद मोवनी देवी ने जिला उपभोक्ता आयोग में गुहार लगाई.

उपभोक्ता आयोग ने 5 साल पहले आदेश जारी किया था

उपभोक्ता आयोग ने 5 साल पहले आदेश जारी किया था
Photo Credit: NDTV

मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने 2 सितंबर 2021 को श्रम आयुक्त, जिला श्रम कल्याण अधिकारी और प्राधिकृत अधिकारी जालोर को राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था. आयोग के आदेश के अनुसार दोनों बेटियों के विवाह के लिए 55-55 हजार रुपए देने का आदेश दिया गया. आयोग ने कुल 1.10 लाख रुपए की सहायता राशि दो माह के भीतर देने के निर्देश दिए थे.

इसके अतिरिक्त आयोग ने मोवनी देवी को मानसिक वेदना के लिए 10 हजार रुपए, शारीरिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपए, तथा मामले की सुनवाई में हुए खर्च के लिए 5 हजार रुपए देने का भी आदेश दिया गया था. इस प्रकार आदेश के तहत कुल राशि 1.35 लाख रुपए निर्धारित हुई थी.

अवमानना की कार्रवाई

इस मामले में आयोग के आदेश के खिलाफ अपील की गई थी, लेकिन वह अपील भी खारिज हो चुकी है. इसके बावजूद आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी की ओर से जालोर जिला उपभोक्ता आयोग में अवमानना कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया गया. आयोग ने अब इसी मामले का संज्ञान लेते हुए वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी किया है. आयोग ने वारंट की तामील और संबंधित अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जालोर एसपी को अलग से पत्र भेजा है.

ये भी पढ़ें-: प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति, UCC बिल... राजस्थान कैबिनेट का बड़ा फैसला; सीएम ने इन प्रस्तावों को दी मंजूरी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Jalore, Jalore News, Rajasthan News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com