- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफिले की मुख्य गाड़ियां बेहद खास होती हैं
- पुतिन की गाड़ियां किसी भी देश में उनके पहुंचने से पहले ही वहां भेज दी जाती हैं.
- पुतिन मेजबान देश की गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं करते हैं. वह अपनी गाड़ियों में सफर करते हैं.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच चुके हैं. पुतिन की यात्रा को लेकर दिल्ली हाई अलर्ट पर है. खास बात यह है कि रूसी राष्ट्रपति के आने से पहले ही उनके काफिले में शामिल होने वाली कारें भारत पहुंच चुकी थी. पुतिन किसी भी देश की यात्रा पर जाते हैं तो उनकी सुरक्षा गाड़ियां पहले वहां पहुंच जाती हैं, इन्हीं गाड़ियों से पुतिन हमेशा सफर करते हैं. ऐसे में यह जानना भी दिलचस्प है कि व्लादिमीर पुतिन के काफिले में कौन-कौन सी गाड़ियां होती हैं. जो उनकी किसी भी देश की यात्रा से पहले ही वहां पहुंच जाती हैं.
पुतिन के काफिले में 2 दर्जन गाड़ियां
व्लादिमीर पुतिन के काफिले में करीब 2 दर्ज गाड़ियां होती हैं, यह सभी गाड़ियां बुलेटफ्रूफ रहती हैं. जिन पर ब्लास्ट का असर नहीं होता है. इन गाड़ियों में कई तरह के फीचर्स होते हैं. सुरक्षा कारणों से पुतिन की किसी भी देश की यात्रा से पहले वहां भेज दिया जाता है.

ऑरस सीनेट
ऑरस सीनेट लिमोजिन पुतिन के काफिले में शामिल कार है. जिसका वजन 6 टन बताया जाता है, यह कार एक चलती फिरती बंकर भी मानी जाती है, जिस पर ब्लास्ट, स्नाइपर फायर और बैलिस्टिक मिसाइल का भी असर नहीं होता है.
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इसके अलावा इस कार में एक खास एयर-फिल्ट्रेशन सिस्टम लगा रहता है, जिससे किसी भी प्रकार के केमिकल या गैस हमले में रूसी राष्ट्रपति को सुरक्षित रखता है. यह एक हाई स्पीड कार होती है.

ऑरस आर्सेनल
पुतिन के काफिले में ऑरस आर्सेनल कार होती है. यह राष्ट्रपति की कार के ठीक पीछे चलती हैं जो कमांडो से लैस होती हैं. यह कार बुलेटप्रूफ होती है और इसमें कई स्पेशल फीचर्स होते हैं, जो इस गाड़ी को खास बनाते हैं.

ऑरस कमांडेंट
रूसी राष्ट्रपति के काफिले में ऑरस कमांडेंट कार भी शामिल होती हैं. यह एक ताकतवर एसयूवी है. जो पुतिन के काफिले को एस्कॉर्ट करती है. किसी भी तरह की इमरजेंसी की स्थिति में यह कार पूरी तरह से बैकअप का काम करती है और तुरंत पहुंच जाती है.

ओरस मर्लोन
यह भी पुतिन के काफिले की पॉवरफुल गाड़ी होती है. इस गाड़ी की खासियत यह है कि इसमें दोनों तरफ से पायलट करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रिक बाइक्स रहते हैं. यह हाईस्पीड होती है और ठंडे और गर्म दोनों मौसम में आसानी से चलती है.

सुरक्षा कारणों से पहले पहुंचती हैं पुतिन का गाड़ियां
सुरक्षा कारणों से पुतिन के काफिले की गाड़ियां पहले ही पहुंच जाती हैं. दुनिया सुरक्षित प्रोटोकॉल में उनका दौरा शामिल रहता है. विदेशी दौरों पर वह मेजबान देश की गाड़ियों इस्तेमाल नहीं करते हैं. गाड़ियों के पहले पहुंचने से रूसी खुफिया एजेंसी भी पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रखती है. इसलिए भारत आने से पहले ही पुतिन का काफिला भारत आ गया था. जहां वह अपनी गाड़ियों से सफर करेंगे.
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