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This Article is From May 15, 2022

नेपाल यात्रा का मकसद ‘समय की कसौटी पर खरे’ उतरे संबंधों को मजबूत करना : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि भारत और नेपाल के संबंध ‘‘अद्वितीय’’ हैं. उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पड़ोसी देश में स्थित लुंबिनी की अपनी यात्रा से एक दिन पहले यह कहा

नेपाल यात्रा का मकसद ‘समय की कसौटी पर खरे’ उतरे संबंधों को मजबूत करना : मोदी
मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में नेपाली प्रधानमंत्री दोपहर के भोजन की मेजबानी करेंगे.
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि भारत और नेपाल के संबंध ‘‘अद्वितीय'' हैं. उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पड़ोसी देश में स्थित लुंबिनी की अपनी यात्रा से एक दिन पहले यह कहा. प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जारी बयान में कहा कि पिछले महीने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की भारत यात्रा के दौरान हुई सार्थक चर्चा के बाद दोबारा उनसे मिलने को लेकर उत्सुक हूं.  प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल की उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘‘समय की कसौटी पर खरे''उतरे दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करना है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष जलविद्युत, विकास और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने को लेकर बनी समझ को आगे बढ़ाएंगे. 

मोदी ने नेपाल (Nepal) यात्रा से पहले जारी बयान में कहा, ‘‘हमारे नेपाल के साथ संबंध अद्वितीय हैं. भारत और नेपाल के बीच सभ्यतागत और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध हमारे करीबी रिश्तों के स्थायी ढांचे पर टिके हुए हैं.''उन्होंने कहा, ‘‘मेरी इस यात्रा का उद्देश्य समय की कसौटी पर खरे उतरे इन संबंधों को और मजबूत करना है, जिन्हें सदियों से पोषित किया गया है और ये हमारे आपसी मेलजोल के लंबे इतिहास में दर्ज हैं.'' उल्लेखनीय है कि बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को एक दिवसीय यात्रा पर भगवान बुद्ध के जन्मस्थान लुम्बिनी जाएंगे. वर्ष 2014 में पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री की नेपाल की यह पांचवीं यात्रा है. 

मोदी ने कहा, ‘‘मैं बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मायादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने को लेकर उत्सुक हूं. भगवान बुद्ध के पवित्र जन्मस्थान पर श्रद्धा प्रकट करने वाले लाखों भारतीयों का अनुकरण कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं.'' मोदी और देउबा लुम्बिनी में वार्ता करेंगे, जिसके केंद्र में जल विद्युत और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना होगा. यह पता चला है कि मोदी-देउबा वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सहयोग पर कुछ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है.

मोदी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री देउबा की पिछले महीने की भारत यात्रा के दौरान हुई सार्थक चर्चा के बाद दोबारा बैठक को लेकर उत्सुक हूं.'' उन्होंने कहा, ‘‘हम जल विद्युत, विकास और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की साझा समझ को आगे बढ़ाएंगे.'' प्रधानमंत्री लुम्बिनी में बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र के निर्माण की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे.

मोदी ने कहा, ‘‘पवित्र मायादेवी मंदिर में दर्शन करने के अलावा, मैं लुम्बिनी के मठक्षेत्र में बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के शिलान्यास समारोह में भी शामिल होउंगा.'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वह नेपाल सरकार द्वारा महात्मा बुद्ध की जंयती से संबंधित समारोह में भी शिरकत करेंगे. लुम्बिनी, दक्षिण नेपाल की तराई में स्थित है और महात्मा बुद्ध का जन्म स्थान होने की वजह से बौद्धधर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है.

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने शुक्रवार को बताया था कि मोदी नेपाल के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत एजेंडे पर देउबा से वार्ता करेंगे. अपने आगमन पर, मोदी मायादेवी मंदिर जाएंगे और एक विशेष प्रार्थना में शामिल होंगे. उनके साथ देउबा भी होंगे. यह पता चला है कि मोदी अशोक स्तंभ के सामने मक्खन का दीया भी जलाएंगे और एक बोधि वृक्ष को पानी देंगे जो उन्होंने 2014 में नेपाल की अपनी यात्रा के दौरान उपहार में दिया था. मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में नेपाली प्रधानमंत्री दोपहर के भोजन की मेजबानी करेंगे.


 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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