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नेपाल में बालेन शाह के पीएम बनने पर फंसा पेच, आरएसपी में बन गया है अलग गुट!

Balen Shah News: नेपाल चुनाव के अंतिम नतीजे सामने आ गए हैं. आरएसपी बंपर बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. लेकिन पीएम के नाम को लेकर अभी पार्टी में कुछ मतभेद की खबरें आ रही हैं.

नेपाल में बालेन शाह के पीएम बनने पर फंसा पेच, आरएसपी में बन गया है अलग गुट!
बालेन शाह के पीएम बनने पर संकट!
  • नेपाल चुनाव का फाइनल रिजल्ट आ गया है, RSP को मिला है बंपर बहुमत
  • हालांकि, अभी आरएसपी ने किसी नेता का नाम पीएम के लिए नहीं बढ़ाया है
  • कहा जा रहा है कि RSP में अलग गुट बन गया है जो बालेन शाह की जगह कोई दूसरा चेहरा PM पोस्ट पर चाहता है
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काठमांडू:

नेपाल चुनाव के अंतिम नतीजे आ गए हैं. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) 125 सीटों के साथ बंपर बहुमत हासिल किया है. लेकिन पार्टी में बालेन शाह को पीएम बनाने को लेकर मतभेद उभर आए हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी में ही दो गुट बन गए हैं. पार्टी ने काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह के चेहरे पर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव ने नेपाल की जनता ने सीधे वोटिंग में 165 में से 125 सीट पर सीधे आरएसपी को जीत दिलाई है. लेकिन पार्टी में एक अलग गुट बन गया है जो चाहता है कि कोई अन्य नेता देश का पीएम बने.

बालेन शाह के पीएम बनने की राह में रोड़े 

अगर प्रोपोर्शनल रिप्रजेंटेशन की वोट और सीट को जोड़ा जाए तो आरएसपी पार्टी सीधे 185 सीट के आसपास सीट इस चुनाव में जीती है. 275 सीट के असेंबली ने यह आकड़ा दो तिहाई से ज्यादा है. लेकिन इस चुनाव के नतीजे आने के बाद भी पीएम पद को लेकर पार्टी के तरफ से रुख साफ नहीं किया गया है. पीएम पद के शपथ को लेकर की कब पीएम का शपथ होगा यह साफ नहीं किया है. बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ नेता पार्टी में एक अलग गुट बना रहे है. यह वर्ग चाहता है कि इनका  कोई और नेता पार्टी से प्रधानमंत्री बने.

आरएसपी पार्टी के फाउंडर रवि लामीचने और पार्टी में नंबर दो डीपी आर्यल ने अभी तक साफ नहीं किया है कि देश का अगला पीएम कौन होगा. नेपाल के कुछ राजनीतिक जानकार का मानना है की पार्टी ने बालेन शाह के चेहरे पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर ली लेकिन अब ऐसा भी हो सकता की पार्टी कहीं बालेन शाह को पीएम नहीं बनाए. 

नेतृत्व को लेकर आंतरिक चर्चा 

आरएसपी सिर्फ 3 साल पुरानी पार्टी है , जिसका गठन साल 2022 मे हुआ है. ऐसे में पार्टी के पुराने नेता अंतिम वक्त पर बालेन को पीएम बनाने के फैसले से यू टर्न ले सकते है. सरकार कौन चलाएगा और पार्टी का संगठन कौन संभालेगा? इस वजह से कुछ नेता यह सुझाव दे सकते हैं कि बालेन शाह पार्टी या सरकार में अलग भूमिका लें, लेकिन इसका मतलब जरूरी नहीं कि वे उनके खिलाफ हों.

अनुभव का मुद्दा

कुछ राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बालेन शाह अभी राष्ट्रीय राजनीति में नए हैं. इसलिए पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता अनुभवी नेता को पीएम बनाने की सलाह दे सकते हैं. लेकिन अभी तक ऐसा खुला विरोध सामने नहीं आया है.

विपक्ष की रणनीति

अक्सर विपक्षी दल यह प्रचार करते हैं कि नई पार्टी में गुटबाजी है. नेतृत्व पर सहमति नहीं है. ताकि सरकार बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सके.अगर बालेन शाह किसी कारण से प्रधानमंत्री नहीं बनते, तो उनकी पार्टी RSP से कुछ अन्य नेता संभावित पीएम चेहरे माने जा सकते हैं.

1.रबी लामीचने (Rabi Lamichhane): RSP के सबसे बड़े और प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं. ये पहले पार्टी के चेयरमैन रह चुके हैं और नेपाल में बहुत लोकप्रिय हैं. मीडिया और राजनीति दोनों में उनकी मजबूत पकड़ है. ये पार्टी के फाउंडर भी रहे हैं. अगर पार्टी बालेन के अलावा किसी अनुभवी नेता को चुनती है तो रवि लामिछाने सबसे मजबूत विकल्प माने जा सकते हैं.

नेपाल चुनाव फाइल रिजल्ट 

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी - 125
नेपाली कांग्रेस- 18
सीपीएन-UML-9
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी- 8
श्रम संस्कृति पार्टी- 3
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी-1 
निर्दलीय-1 

2.स्वर्मिम वागले (Swarnim Wagle) प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और RSP के वरिष्ठ नेता हैं. पहले नेपाली कांग्रेस में भी रह चुके हैं. नीति और अर्थव्यवस्था के मामलों में उनकी अच्छी प्रतिष्ठा है. अगर पार्टी टेक्नोक्रेट या नीति विशेषज्ञ को पीएम बनाना चाहे तो उनका नाम आ सकता है.

3. डोलोन प्रसाद अर्याल (Dolon Prasad Aryal): RSP के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और पार्टी में नंबर दो माने जाते है. आरएसपी के चुनाव प्रभार के हेड थे. पहले सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. संगठन और प्रशासन का अनुभव होने की वजह से उन्हें भी विकल्प माना जाता है.

अगर बालेन को पीएम नहीं बनाया गया तो क्या होगा ?

नेपाल में Gen Z आंदोलन के बाद बालेन शाह नेपाल के सबसे बड़े चेहरे बन कर सामने आए है ,अगर पार्टी ने अंतिम वक्त पर उनके नाम से पीछे होते है तब नेपाल के युवा फिर से सड़कों पर उतर सकते है और एक बड़ा आंदोलन की शुरुआत नेपाल में फिर से हो सकता है. अब देखना है पार्टी पीएम पद को लेकर और शपथ ग्रहण को लेकर कब तक फैसला लेती है.

चुनाव आयोग राष्ट्रपति को सौंपेगा परिणाम 

नेपाल चुनाव के फाइनल नतीजे को चुनाव आयोग 15-16 मैच को राष्ट्रपति को सौंपेगा. इसके बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 19 मार्च को अपने संसदीय दल की बैठक करेगी. उसके बाद उनके संसदीय दल का नेता चुना जाएगा जो की अगला पीएम नेपाल का बनेगा. माना जा रहा है कि उसके बाद 20 -21 मार्च को अगले पीएम का शपथ ग्रहण नेपाल में हो सकता है.
 

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