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This Article is From Mar 20, 2026

इतिहास बदलने निकला अमेरिकी 'भाड़े का सैनिक' भारत में गिरफ्तार, म्यांमार के विद्रोहियों को दे रहा था ड्रोन ट्रेनिंग

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अमेरिकी भाड़े का सैनिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनियनों को म्यांमार के विद्रोहियों को हाई-टेक ड्रोन ट्रेनिंग देने और अवैध घुसपैठ के आरोप में UAPA के तहत गिरफ्तार किया है.

इतिहास बदलने निकला अमेरिकी 'भाड़े का सैनिक' भारत में गिरफ्तार, म्यांमार के विद्रोहियों को दे रहा था ड्रोन ट्रेनिंग
Screengrab from History Now
  • अमेरिकी नागरिक वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिक म्यांमार में विद्रोही गुटों को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार
  • वैनडाइक गुवाहाटी होते हुए मिजोरम पहुंचा और अवैध रूप से म्यांमार की सीमा में घुसा था
  • म्यांमार के विद्रोही गुटों को गुरिल्ला युद्ध की तकनीक और ड्रोन हमलों के लिए दी थी ट्रेनिंग

अमेरिकी नागरिक और खुद को 'मर्सिनरी' यानी भाड़े का सैनिक बताने वाले मैथ्यू आरोन वैनडाइक को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में लिया है. म्यांमार में विद्रोही गुटों को हथियारों और ड्रोन की ट्रेनिंग देने के आरोप में वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को आतंकवाद निरोधी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद वैनडाइक का एक पुराना वीडियो चर्चा में है, जिसमें वह दावा कर रहा है कि वह इतिहास का रुख बदलना चाहता है.

'संस ऑफ लिबर्टी' का बॉस और गिरफ्तारी की कहानी

मैथ्यू वैनडाइक 'संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल' नाम की एक सिक्योरिटी फर्म चलाता है. पुलिस की FIR के मुताबिक, वैनडाइक और उसके यूक्रेनी साथी अलग-अलग तारीखों पर टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए थे. इसके बाद वे गुवाहाटी से होते हुए मिजोरम पहुंचे और फिर बिना किसी वैध कागजात के अवैध रूप से म्यांमार की सीमा में घुस गए. इसी घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों के चलते वैनडाइक को 13 मार्च को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि 6 यूक्रेनी नागरिकों को अन्य शहरों से पकड़ा गया.

म्यांमार में दी हाई-टेक ड्रोन और गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग

म्यांमार में इस समय सैन्य शासन और वहां के स्थानीय जातीय सशस्त्र संगठनों के बीच भीषण जंग चल रही है. वैनडाइक और उसकी टीम ने म्यांमार में इन्हीं विद्रोही गुटों को आधुनिक गुरिल्ला युद्ध की तकनीक सिखाई. जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग अपने साथ ड्रोन लेकर गए थे और विद्रोहियों को ड्रोन हमलों के लिए भी ट्रेनिंग दी.

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स्पेशल फोर्सेज के पूर्व जवानों की करता है भर्ती

एक इंटरव्यू के में करीब एक दशक पहले वैनडाइक ने खुलासा किया था कि कोई और ऐसा ग्रुप नहीं है जो उन ईसाई मिलिशिया के साथ काम करता हो जिनके साथ हम काम करते हैं. आजादी सबका अधिकार है, मैं चाहता हूं कि सन्स ऑफ लिबर्टी इतिहास का रुख बदलने पाएं. वैनडाइक का कहना था, 'हम ऐसे लोगों की तलाश करते हैं जो लोकल फोर्स को खुद की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार करने के मॉडल में विश्वास करते हैं. हम पूर्व स्पेशल फोर्सेज और ग्रीन बेरेट्स जवानों को भर्ती करते हैं. वैनडाइक ने कहा, 'हम विदेशियों को दूसरे लोगों के लिए युद्ध लड़ने के लिए नहीं भेज रहे हैं. हम ऐसे लोगों को भेज रहे हैं जो स्थानीय आबादी को अपनी लड़ाई खुद लड़ने में मदद कर सकें. हमारे पास उन्हें ट्रेनिंग देने और हमले में हिस्सा लेने के लिए तैयार करने के लिए बहुत कम समय है.

यह टीम फ्रंटलाइन के बेहद करीब और बिना किसी खास सुख-सुविधा के ट्रेनिंग देने का काम करती है. इससे पहले 2014 में उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ने के लिए भी इराकियों को ट्रेनिंग दी थी.

भारत के लिए क्यों है यह खतरे की घंटी?

भारत के लिए यह मामला सिर्फ अवैध घुसपैठ का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का है. जांच एजेंसियों को गहरा संदेह है कि वैनडाइक और उसकी टीम द्वारा ट्रेन म्यांमार के इन विद्रोही गुटों ने भारत के उन उग्रवादी संगठनों की मदद की है, जो भारत सरकार की प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं. विदेशी भाड़े के सैनिकों द्वारा भारत की जमीन का इस्तेमाल करके म्यांमार में घुसपैठ करना और हाई-टेक हथियार चलाना सिखाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जिसकी गहन जांच जारी है.

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