- कल्याण के दुर्गाडी किले में बकरीद पर नमाज के दौरान हिंदुओं के प्रवेश पर 30 मिनट की रोक लगाई जाती है
- पिछले 40 वर्षों से शिवसेना इस रोक के खिलाफ घंटानाद आंदोलन करती आ रही है
- नमाज के दौरान मंदिर में आने से रोकने पर हनुमान चालीसा का पाठ करने की चेतावनी दी है
मुंबई से सटे कल्याण के ऐतिहासिक दुर्गाडी किले पर इस वक्त जबरदस्त सियासी और सामाजिक तनाव देखने को मिल रहा है. मामला कल्याण के दुर्गाडी किले के भीतर मौजूद मंदिर और ईदगाह से जुड़ा हुआ है. हर साल की तरह इस साल भी बकरीद पर नमाज के दौरान कानून-व्यवस्था का हवाला देकर 30 मिनट के लिए हिंदुओं के मंदिर आने पर रोक लगाई गई है. लेकिन इस बार इस पाबंदी पर महाभारत छिड़ गई है. पिछले 40 साल से शिवसेना यहां 'घंटानाद आंदोलन' करती आई है, लेकिन इस साल इस विवाद में बीजेपी और तमाम दक्षिणपंथी संगठनों ने एंट्री मार दी है.
बीजेपी और शिवसेना (यूबीटी) ने प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम दे दिया गया है कि अगर नमाज के वक्त हिंदुओं को रोका, तो किले के अंदर ही हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तोत्र का पाठ गूंजेगा.
मामला इतना गरमा चुका है कि कल्याण पुलिस और ठाणे जिला कलेक्टर ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील करने का फैसला किया है.
क्या है पूरा मामला?
कल्याण के दुर्गाडी किले के परिसर में एक ईदगाह और ऐतिहासिक दुर्गा देवी का मंदिर दोनों स्थित हैं. हर साल बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोग यहां सुबह सामूहिक नमाज अदा करते हैं.
सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए, नमाज के समय लगभग 30 मिनट के लिए हिंदू भक्तों के किले पर जाने और मंदिर में प्रवेश करने पर अस्थायी रोक लगा दी जाती है.
शिवसेना पिछले 40 साल से इस पाबंदी का कड़ा विरोध करती आ रही है और इसके खिलाफ हर साल 'घंटानाद आंदोलन' यानी घंटी बजाकर विरोध प्रदर्शन करती रही है. हालांकि, इस साल इस आंदोलन में भारतीय जनता पार्टी और अन्य स्थानीय हिंदूवादी संगठनों ने भी आक्रामक रूप से एंट्री ले ली है, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है.
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हिंदू संगठनों और भाजपा की चेतावनी
भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों ने प्रशासन को सीधे तौर पर अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि सार्वजनिक या धार्मिक स्थलों पर किसी एक वर्ग के लिए दूसरे वर्ग के प्रवेश को रोकना अनुचित है.
संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बकरीद की सुबह नमाज के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं को दुर्गा देवी मंदिर में जाने से रोका गया, तो वे किले के परिसर में ही बड़े पैमाने पर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तोत्र का सामूहिक पाठ शुरू कर देंगे.
उनकी मांग है कि नमाज के समय भी मंदिर का रास्ता खुला रहना चाहिए और दोनों समुदायों को अपने-अपने अनुष्ठान करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए.
पुलिस और जिला प्रशासन का एक्शन प्लान
बढ़ते तनाव को देखते हुए ठाणे जिला कलेक्टर और कल्याण पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े, इसके लिए किले और उसके आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
गुरुवार को तड़के 5:00 बजे से ही पूरी दुर्गाडी किला पहाड़ी और कल्याण शहर के संवेदनशील हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा.
बुधवार को भी पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च किया है और CCTV और ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.
सुबह 7:30 बजे होगी ईद की नमाज
ईद की नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की जानी है. प्रशासन की कोशिश है कि नमाज के शांतिपूर्वक संपन्न होने तक परिसर में किसी भी तरह की नई परंपरा या समानांतर धार्मिक पठन जैसे हनुमान चालीसा को न होने दिया जाए ताकि टकराव की स्थिति से बचा जा सके.
पुलिस ने दोनों पक्षों के स्थानीय नेताओं और जिम्मेदार नागरिकों के साथ शांति समिति की बैठकें भी की हैं और सभी से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
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