उत्तरपूर्वी अमेरिकी राज्य न्यू हैम्पशायर के एक मनोरोग अस्पताल में शुक्रवार को एक शख्स ने गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने उसे मार डाला. राज्य पुलिस कर्नल मार्क हॉल ने बताया कि संदिग्ध कॉनकॉर्ड के न्यू हैम्पशायर अस्पताल में घुसा और लॉबी में एक व्यक्ति को गोली मार दी.
एएफपी की खबर के मुुताबिक, र्क हॉल ने बताया, "अस्पताल में नियुक्त एक सुरक्षाकर्मी ने तुरंत कार्रवाई की और जवाबी फायरिंग में संदिग्ध मारा गया." उन्होंने यह भी कहा कि हमला अस्पताल की लॉबी तक ही सीमित था.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
मार्क हॉल ने शूटर या पीड़ित की पहचान नहीं की. उन्होंने कहा, "जनता को कोई खतरा नहीं है और अस्पताल में मरीजों या कर्मचारियों को भी कोई खतरा नहीं है."
बताया जा रहा है कि न्यू हैम्पशायर में ये 185 बिस्तरों वाला एक अस्पताल है. यहां गंभीर मानसिक बीमारी वाले रोगियों का इलाज किया जाता है. ऐसे में ये समझ से परे है कि गोलीबारी करनेवाले शख्य का इरादा क्या था? आखिर क्यों शख्स गोलीबारी करने के लिए अस्पताल में दाखिल हुआ?
अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं चिंताजनक रूप से आम हैं. कहा जाता है कि अमेरिका ऐसा देश है, जहां लोगों से ज्यादा बंदूकें हैं. यहां कई बार बंदूकों की बिक्री को लेकर कड़े नियम बनाने के प्रयास हुए, लेकिन हर बार इनका विरोध किया गया. कई चुनावों में भी हथियारों के प्रतिबंध का मुद्दा उठा है.
इसे भी पढ़ें:-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं