ट्विशा शर्मा मौत मामले में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब भोपाल कोर्ट ने मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. कोर्ट ने साथ ही समर्थ को अपना पासपोर्ट जमा कराने का भी निर्देश दिया है. इस फैसले से पुलिस को अब मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए हिरासत में पूछताछ का समय मिल गया है.
जांच के लिए मिली अहम मोहलत
पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है. जांच एजेंसियों के मुताबिक घटनास्थल का स्पॉट वेरिफिकेशन, अन्य सबूतों की जब्ती और घटनाक्रम को जोड़ने के लिए समर्थ से विस्तार से पूछताछ करनी होगी. अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि समर्थ करीब 10 दिनों तक फरार रहा, ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि वह इस दौरान कहां था, किन लोगों से मिला और क्या किसी ने उसे शरण दी.
पासपोर्ट जमा कराने का आदेश, पहले जारी हुआ था लुकआउट नोटिस
कोर्ट का पासपोर्ट जमा कराने का आदेश भी अहम माना जा रहा है. इससे पहले पुलिस समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी थी और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर ₹30,000 का इनाम भी घोषित किया गया था.
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12 मई से फरार था आरोपी
पेशे से वकील समर्थ सिंह 12 मई से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था. इसी दिन ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं. शुक्रवार को समर्थ जबलपुर जिला अदालत पहुंचा, जहां उसने सरेंडर करने की कोशिश की। हालांकि कोर्ट ने सरेंडर स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर भोपाल पुलिस को सौंप दिया.
बचाव पक्ष ने किया विरोध, कोर्ट ने नहीं माना
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने 7 दिन की रिमांड का विरोध किया. समर्थ के वकील का कहना था कि एक दिन की रिमांड ही काफी है और पुलिस पहले ही जरूरी दस्तावेज जब्त कर चुकी है. हालांकि कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को वरीयता देते हुए रिमांड मंजूर कर ली.
परिवार और पुलिस दोनों ने रिमांड का समर्थन किया
पीड़ित पक्ष के वकील अंकुर पांडे ने भी पुलिस रिमांड का समर्थन किया. उनका कहना था कि बिना हिरासत में पूछताछ के सच्चाई तक पहुंचना संभव नहीं है. भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भी साफ किया कि आरोपी को शरण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
केस में बढ़े सवाल, परिवार भी जांच के दायरे में
इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती जांच, गिरफ्तारी में देरी और आरोपी के पारिवारिक प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं. समर्थ की मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह भी जांच के दायरे में हैं. इससे पहले समर्थ ने हाईकोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका भी वापस ले ली थी.
कोर्ट में रवैया भी बना चर्चा
कोर्टरूम में सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह का व्यवहार भी चर्चा में रहा. मौजूद लोगों के अनुसार उसके चेहरे पर न तो घबराहट थी और न ही अफसोस, बल्कि वह पूरे समय आत्मविश्वास के साथ खड़ा नजर आया.
ट्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमॉर्टम की तैयारी
वहीं ट्विशा शर्मा मामले में दूसरे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया भी तेज हो गई है. दिल्ली AIIMS की विशेष मेडिकल टीम आज भोपाल पहुंचेगी. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड गठित करने का अधिकार केवल AIIMS दिल्ली के निदेशक को दिया गया था. इसके बाद फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने निदेशक की मंजूरी से चार वरिष्ठ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित किया है, जो पोस्टमॉर्टम करेगा.
बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार सुबह AIIMS को आधिकारिक अनुरोध भेजा गया था. यह टीम अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों के साथ आज शाम 6 बजे राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्टर्ड विमान से भोपाल रवाना होगी.
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