ट्वीशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने ट्वीशा शर्मा के पिता की याचिका का समर्थन किया है. सीबीआई ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि भोपाल में निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई संभव नहीं है, ऐसे में इस जांच को मध्य प्रदेश से बाहर ट्रांसफर करना ही सही रहेगा. CBI ने कहा है कि चुकि मामले की प्रमुख आरोपी, पूर्व जिला जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह बेहद प्रभावशाली हैं. ऐसे में वो ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित कर सकती हैं और मामले के गवाहों को डराया-धमकाया भी जा सकता है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट एक हफ्ते बाद सुनवाई करेगा.

आपको बता दें कि CBI ने अपने हलफनामे में यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद अपराध स्थल को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी. जांच के दौरान भी सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश हुई और राज्य पुलिस की जांच में अनुचित हस्तक्षेप की कई घटनाएं सामने आईं. CBI ने हलफनामे में कहा है कि मामले की गंभीरता इस आरोप से स्पष्ट होती है कि घटना के बाद गिरिबाला सिंह ने अपराध स्थल को अपने हिसाब से व्यवस्थित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की.
खास बात ये है कि इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था. कोर्ट ने सीबीआई और आरोपियों को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था.
गिरिबाला सिंह को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में CBI, आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी भी किया था. कोर्ट ने प्रतिवादियों से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था. नवनीधि शर्मा ने याचिका में मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित सेशंस कोर्ट से दिल्ली की सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी. याचिका में निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया था.
यह भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा ने खुदकुशी की थी, हत्या नहीं हुई: CBI की चार्जशीट ने बदल दिया केस का रुख
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं