देश को आज स्वदेशी एयरक्राफ़्ट कैरियर INS विक्रांत मिल गया है.एक साल के ट्रायल के बाद आज पीएम मोदी ने इसे नौसेना को सौंपा. पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि INS विक्रांत विशाल है, विराट है, विहंगम है. विक्रांत विशिष्ट है, विक्रांत विशेष भी है, विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है. ये 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है: उन्होंने आगे कहा कि यदि लक्ष्य दुरन्त हैं, यात्राएं दिगंत हैं, समंदर और चुनौतियां अनंत हैं तो भारत का उत्तर विक्रांत है. आजादी के अमृत महोत्सव का अतुलनीय अमृत है विक्रांत, आत्मनिर्भर होते भारत का अद्वितीय प्रतिबिंब है विक्रांत.
पीएम ने आज नौसेना के नए निशान का भी अनावरण किया. उन्होंने कहा कि अब तक भारतीय नौसेना के ध्वज पर गुलामी की पहचान बनी हुई थी, लेकिन अब आज से छत्रपति शिवाजी से प्रेरित, नौसेना का नया ध्वज समंदर और आसमान में लहराएगा. आज 2 सितंबर, 2022 की ऐतिहासिक तारीख को, इतिहास बदलने वाला एक और काम हुआ है. आज भारत ने गुलामी के एक निशान, गुलामी के एक बोझ को अपने सीने से उतार दिया है. आज से भारतीय नौसेना को एक नया ध्वज मिला है .
INS विक्रांत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. यह भारत के समुद्री इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा जहाज है. प्रधानमंत्री पीएम मोदी कोचीन शिपयार्ड में 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्वदेशी अत्याधुनिक स्वचालित यंत्रों से युक्त विमान वाहक पोत का जलावतरण किया गया. इसे समंदर में चलता फिरता शहर कहा जा रहा है.
भारत में बनने वाला सबसे बड़ा युद्धपोत आईएनएस विक्रांत 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है. आईएनएस विक्रमादित्य के बाद यह देश का दूसरा विमानवाहक पोत होगा, जिसे रूसी प्लेटफॉर्म पर बनाया गया. आईएनएस विक्रांत हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में योगदान देगा. आईएनएस विक्रांत पर विमान उतारने का परीक्षण नवंबर में शुरू होगा, जो 2023 के मध्य तक पूरा हो जाएगा
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पीएम मोदी ने पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत नौसेना को सौंप दिया है.
पीएम मोदी ने कहा कि INS विक्रांत एक तैरता हुआ एयरफील्ड है. यह भारत के परिश्रम का प्रमाण है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोचीन में नौसेना के नए निशान का अनावरण किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोचिन में स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां देश के पहले स्वदेशी युद्धपोत INS विक्रांत को भारतीय नौसेना को समर्पित करेंगे.
केरल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोचिन में स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां देश के पहले स्वदेशी युद्धपोत INS विक्रांत को भारतीय नौसेना को समर्पित करेंगे।
- ANI_HindiNews (@AHindinews) September 2, 2022
(स्रोत: डीडी) pic.twitter.com/db3Z6QY1WL
भारत में बनने वाला सबसे बड़ा युद्धपोत आईएनएस विक्रांत 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है. आईएनएस विक्रमादित्य के बाद यह देश का दूसरा विमानवाहक पोत होगा, जिसे रूसी प्लेटफॉर्म पर बनाया गया. आईएनएस विक्रांत हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में योगदान देगा. आईएनएस विक्रांत पर विमान उतारने का परीक्षण नवंबर में शुरू होगा, जो 2023 के मध्य तक पूरा हो जाएगा