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This Article is From Nov 04, 2018

असम के तिनसुकिया में माओवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मिला टीएमसी का प्रतिनिधि मंडल

तृणमूल कांग्रेस के चार सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार की सुबह तिनसुकिया जिले में उन शोकसंतप्त परिवारों से मिला जिनके परिवार के सदस्यों की हत्या संदिग्ध उग्रवादियों ने कर दी थी.

असम के तिनसुकिया में माओवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मिला टीएमसी का प्रतिनिधि मंडल
मृतकों के परिवार से मिलता टीएमसी का प्रतिनिधि मंडल
डिब्रूगढ़: तृणमूल कांग्रेस के चार सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार की सुबह तिनसुकिया जिले में उन शोकसंतप्त परिवारों से मिला जिनके परिवार के सदस्यों की हत्या संदिग्ध उग्रवादियों ने कर दी थी. प्रतिनिधिमंडल ने ‘जातीय घृणा अपराध' करने वालों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता डेरेक ओब्रायन के नेतृत्व में इस दल में पार्टी के लोकसभा सदस्य ममता बाला ठाकुर, राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक और विधायक महुआ मोइत्रा शामिल हैं. यह प्रतिनिधिमंडल तिनसुकिया जिले के खेरोनीबाड़ी गांव में शोकसंतप्त परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की.

ओब्रायन ने बताया, ‘हमने मृतकों के परिजन से बातचीत की और उन्हें सभी तरह की सहायता का आश्वासन दिया. हम इन परिवार के सदस्यों के लिए न्याय चाहते हैं और तब तक हम अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेगे जब तक जातीय घृणा अपराध करने वालों को सजा न मिल जाए. तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने सभी परिवारों को सहायता के तौर पर एक लाख रुपये की राशि दी. ब्रायन ने इससे पहले यहां हवाईअड्डे के बाहर संवाददाताओं से कहा था, ‘यह एक मानवीय दौरा है. यह दौरा पीड़ित और दुखी परिवार के साथ खड़े होने के लिए है. हमें दो घंटे में तिनसुकिया पहुंचने की उम्मीद है. हम वहां संबंधित परिवारों के साथ कुछ वक्त गुजारेंगे.'    

बता दें कि अज्ञात बंदूकधारियों ने गुरुवार की रात में खेरोनीबाड़ी गांव के निकट बंगाली भाषा बोलने वाले पांच लोगों की हत्या कर दी थी. इनमें से एक ही परिवार के तीन सदस्य थे. इस घटना की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘वंचित और बेहद गरीब भारतीय नागरिकों की कायरतापूर्ण हत्या हुई है... यह सोची समझी हत्या है।'' पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हत्या पर गुस्सा जताते हुए शुक्रवार को कहा था कि देश में ‘हिंसा का माहौल' है.

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के अंतिम मसौदे के 30 जुलाई को प्रकाशन के बाद तृणमूल कांग्रेस के छह सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल दो अगस्त को स्थिति का जायजा लेने के लिए सिल्चर गया था लेकिन उन्हें हवाई अड्डे पर ही रोक दिया गया था. उन्हें हवाईअड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और अगले दिन उन्हें वापस भेज दिया गया था.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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