- असम के बिस्वनाथ जिले में एक तीन महीने के बेबी टाइगर किचन गार्डन की जाली में फंस गया था जिसे रेस्क्यू किया
- बेबी टाइगर तेज नदी की लहरों के कारण अपनी मां से बिछड़कर नतुनगांव गांव में आ गया था
- शावक की मां का पता लगाने के लिए आसपास की नदी के द्वीपों पर ट्रैप कैमरे लगाकर निगरानी की गई
असम के बिस्वनाथ जिले में एक बेबी टाइगर 17 सितंबर को एक घर के किचन गार्डन की जाली में फंस गया था. करीब 3 महीने का ये बेबी टाइगर जाली में फंसकर बेचैन हो रहा था. उनके पैर इस तरह से जाली में फंसे कि वह तमाम कोशिशों के बाद भी बाहर नहीं निकल पा रहा था. इस घटना की सूचना वन विभाग को दी गई. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बेबी टाइगर को जाली से बाहर निकाला. इस शावक को अब सही सलामत काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया है.

किचन गार्डन की जाली में फंसा बाघ का शावक
अधिकारियों के मुताबिक, ये बेबी टाइगर नदी की तेज लहरों की वजह से अपनी मां से बिछड़ने के बाद भटककर नतुनगांव गांव आ गया था.फिर वह एक घर के किचन गार्डन की जाली में फंस गया. जिसे वहां से रेस्क्यू किया गया. बेबी टाइगर की मां का पता चलाने के लिए रेक्स्यू टीम ने कैमरा लगाकर आसपास की नदी के द्वीपों पर निगरानी की.बेबी टाइगर को जांच के लिए काजीरंगा के बिस्वनाथ डिवीन के सेंट्रल रेंज ऑफिस ले जाने के बाद नदी के ऊपरी हिस्से के एक द्वीप पर ले जाया गया. क्यों कि जांच में उस इलाके में शावकों की बाघिन मां की मौजूदगी का सबूत मिला था.

बेबी टाइगर को सुरक्षित जगह छोड़ा गया
बता दें कि 23 सितंबर को बेबी टाइगर को जिस जगह पर छोड़ा गया, वहां से 200 मीटर की दूरी पर सर्वे टीम को पंजों के निशान मिले थे. अब कुछ हफ्तों तक इस जगह की कैमरे से निगरानी की जाएगी. दरअसल बेबी टाइगर की मां का पता लगाने के लिए टीम ने वहां पर एक ट्रैप कैमरा लगाया था. ड्रोन सर्वे से पता चला कि पानी का बढ़ता स्तर शावर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, जिसके बाद उसे सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया गया.
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