- स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. वो कुछ साल पहले दिल्ली पढ़ाई करने आया था.
- स्वतंत्र 15-16 साल की उम्र से श्रीराम सेवा दल के साथ जुड़ा. यह समूह रोटी बैंक के जरिए लोगों को भोजन कराता है.
- स्वतंत्र यूजीसी वाले मामले को लेकर खासा चर्चा में आया. बीजेपी के कई नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें वायरल है.
स्वतंत्र भारद्वाज कौन है? वो क्या काम करता था? आज वो पुलिस की हिरासत में क्यों है? इन सब सवालों के जवाब आप सोशल मीडिया रील में देख चुके होंगे. बीते दो-तीन दिन से सोशल मीडिया हो या मेनस्ट्रीम मीडिया हर जगह इसी स्वतंत्र भारद्वाज की चर्चा है. स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में खुद ऐसी-ऐसी बातें की, जिसने उसे हवालात तक पहुंचा दिया. सोशल मीडिया पर अधिकांश लोग स्वतंत्र भारद्वाज को लताड़ रहे हैं. वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो उसे समर्थन देते नजर आ रहे हैं. स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े वीडियो और पोस्ट में कमेंट में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है.
स्वतंत्र भारद्वाज जंतर-मंतर प्रदर्शन का बैड बॉय कैसे बना?
नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान विरोध करने वालों में स्वतंत्र भारद्वाज अकेला नहीं था. उसके साथ कई और भी लोग थे. जो उसके खुद के पुराने वीडियो में नजर आता है. लेकिन आज कानूनी पचड़े में केवल स्वतंत्र भारद्वाज है, और इसका कारण भी स्वतंत्र खुद है.
इस प्रदर्शन में जो कुछ हुआ, वो बीती बात हो चुकी थी. लेकिन बीते दिनों एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने बात करते-करते ऐसी कहानियां सुनाई, जो उसपर आज हो रही कार्रवाई का कारण बन गई. भारद्वाज के पॉडकास्ट का वीडियो क्लिप वायरल हुआ. जिसमें वह दिल्ली में 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार की ‘खोपड़ी फोड़ने' का दावा करते हुए सुनाई दे रहा है.
Tag and repost @DelhiPolice 🤔
— Vinay Dubey (@the_VinayDubey) September 3, 2026
इसका नाम स्वतंत्र भारद्वाज है, अपना आरोप खुद स्वीकार कर रहा है और....
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह… pic.twitter.com/tPPGB8CH6O
उसी वायरल क्लिप में वो खुद यह स्वीकार कर रहा है कि निशु के पापा 7 टांके लगे थे. यह हत्या के प्रयास 307 का मामला बनता है. फिर वो चिराग पासवान, कपिल मिश्रा जैसे नेताओं के नाम लेते हुए कहता है कि उसे कुछ नहीं होगा. स्वतंत्र आज जिस कानूनी शिकंजे में आया है, उसकी सबसे बड़ी वजह वो वायरल वीडियो है.
स्वतंत्र भारद्वाज कभी पटना में चलाया करता था रोटी बैंक
स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. वो कुछ साल पहले दिल्ली पढ़ाई करने आया था. कई मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि वह दरभंगा का रहने वाला है. कुछ स्वतंत्र भी पुराने वीडियो में दरभंगा का मैथिल ब्राह्मण होने की बात करते दिख रहा है. लेकिन बिहार के वरिष्ठ पत्रकार पुष्यमित्र के अनुसार स्वतंत्र भारद्वाज न दिल्ली और न ही दरभंगा, पटना का रहने वाला है.

पटना में श्री राम दल के साथ मिलकर स्वतंत्र भारद्वाज रोटी बैंक चलाने में मदद करता था.
Photo Credit: सोशल मीडिया
उनके अनुसार स्वतंत्र 15-16 साल की उम्र से श्रीराम सेवा दल के साथ जुड़ गया था. यह समूह हर रविवार को गांधी मैदान में रोटी बैंक के जरिए लोगों को भोजन कराता है. हिन्दुत्व से इसी संगठन के जरिए स्वतंत्र भारद्वाज का जुड़ाव हुआ. वरिष्ठ पत्रकार पुष्यमित्र ने श्री राम सेवा संगठन के लोगों से हुई बातचीत के आधार पर लिखा कि स्वतंत्र 2023 में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया, वहां उसका परिचय हिंदुत्ववादियों से हुआ और वह सोशल मीडिया पर तेजी से पॉपुलर हुआ.
भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ स्वतंत्र की तस्वीरें वायरल
स्वतंत्र भारद्वाज यूजीसी वाले मामले को लेकर खासा चर्चा में आया. सोशल मीडिया पर बीजेपी के कई नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें वायरल हो रही है. जिसमें सांसद मनोज तिवारी, बिहार सीएम सम्राट चौधरी, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा सहित अन्य शामिल है. 15 अगस्त पर लालकिला में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का निमंत्रण पत्र भी वायरल है.

श्रीराम सेवा दल के लोगों ने स्वतंत्र पर हुए एक्शन को गलत बताया है. स्वतंत्र के माता-पिता कंकड़बाग मोहल्ले में कहीं रहते हैं. हालांकि इस पूरे विवाद के बीच उनके माता-पिता से अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं.
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में SC-ST एक्ट और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी जोड़ीं है. जो उसके खिलाफ हुए केस को और मजबूत बनाता है. भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बाल संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.
यही खासियत है चिराग पासवान की ।
— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) September 4, 2026
स्पष्ट-बिना किंतु परंतु के अपनी बात रखी।
चिराग पासवान लंबी राजनीति के खिलाड़ी हैं। इसीलिए वह नई पीढ़ी में भी लोकप्रिय है! pic.twitter.com/Pn7CdvUwZG
चिराग पासवान ने भी दर्ज करवाई प्राथमिकी
इधर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पार्टी ने आरोप लगाया कि जुलाई में कॉजपा के प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में भारद्वाज ने पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के नाम का ‘‘झूठा और सार्वजनिक रूप से'' इस्तेमाल किया.
शिकायत में कहा गया है कि न तो पासवान और न ही पार्टी का भारद्वाज से कोई संबंध है. इसमें यह भी कहा गया है कि पार्टी पीड़ित कार्यकर्ता और उसके घायल पिता के साथ खड़ी है. खुद चिराग पासवान ने भी कहा उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
यह भी पढ़ें - स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से पकड़ा, 72 घंटे का था अल्टिमेटम; 4 घंटे में दबोचा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं