- स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं और उसे बढ़ावा दे रहे हैं
- मौर्य ने कहा कि सपा भाजपा के खिलाफ कभी सड़क पर नहीं उतरती और भाजपा की नकल कर उसे ताकत देती है
- उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लखनऊ में तीन लोगों की हत्या को गंभीर बताया
कुछ महीने पहले तक सपा में ही रहे स्वामी प्रसाद मौर्य अब अखिलेश यादव पर भी हमलावर हैं. मंगलवार को उन्होंने अखिलेश यादव पर भाजपा के एजेंडे पर काम करने और उसे बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आखिर क्या वजह है कि भाजपा सरकार के खिलाफ वह सड़क पर नहीं उतरते. मुझे लगता है वह भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम सोचते हैं कि भाजपा की नकल करके अखिलेश यादव कभी सफल नहीं हो सकते. वह भाजपा की नकल करके उसे ताकत देते हैं. हिंदू और सनातन के नाम पर वह भाजपा को बढ़ावा देते हैं.
उन्होंने कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि जिस पार्टी के पास 37 सांसद और 110 विधायक हैं, वह कभी भी भाजपा के खिलाफ सड़क पर नहीं उतरती. ऐसा तो नहीं है कि भाजपा और सपा मिले हुए हैं. जिस तरह से सपा काम कर रही है और उसकी पिच पर खेलती है, उससे ऐसा लगता है कि ये उसके बचाव में खड़े रहते हैं. इस दौरान उन्होंने ईवीएम को लेकर भी चुनाव आयोग पर हमला बोला. स्वामी ने कहा कि पूरे देश में अब बैलेट पेपर से ही चुनाव होने चाहिए. उनका कहना था कि मैं SIR के खिलाफ दिल्ली में होने वाली 1 नवंबर की रैली में शामिल होने जाऊंगा.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ के शहादत गंज में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है, जहां खुद मुख्यमंत्री रहते हैं सारे अधिकारी रहते हैं. वहीं राजधानी लखनऊ में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मार के हत्या कर दी गई. यह बताता है की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया गया है लेकिन इस मामले में पहले ही लापरवाही बरती गई जिसका नतीजा यह रहा की तीन लोगों की हत्या कर दी गई. आरोपी के घर पर परिवार बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की मांग कर रहा है उसका मैं समर्थन करता हूं.
उन्होंने भाजपा सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को भी टारगेट किया. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि गुंडाराज, जंगलराज को छिपाने के लिए जीरो टॉलरेंस की एक परिभाषा भाजपा ने गढ़ ली है और इसे दोहराया जाता है. एससी-एसटी समाज के दर्जनों लोगों की हत्याएं होती है. इसके बाद भी बेशर्म सरकार जीरो टॉलरेंस की बात कहकर अपराधियों को बचाती है. वहीं सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा तो नहीं है कि भाजपा और सपा मिले हुए हैं. जिस तरह से सपा काम कर रही है और उसकी पिच पर खेलती है, उससे ऐसा लगता है कि ये उसके बचाव में खड़े रहते हैं.
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