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अलविदा सुशील मोदी : छात्र नेता से डिप्टी CM और संसद तक का सफर

सुशील मोदी लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद सहित सभी 4 सदनों के सदस्य रहने वाले बिहार के चंद नेताओं में से एक थे. उन्होंने 2005 से 2013 तक और फिर 2017 से 2020 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाला.

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अलविदा सुशील मोदी : छात्र नेता से डिप्टी CM और संसद तक का सफर
नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का निधन हो गया. 72 साल के सुशील मोदी पिछले छह महीनों से कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. उनका दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था. उन्हें बीजेपी ने राज्य के लिए अपने स्टार प्रचारकों में भी शामिल किया था. साथ ही अपनी चुनाव घोषणापत्र समिति का सदस्य भी नामित किया था.

सुशील मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ. इनकी पढ़ाई पटना के सेंट माइकल स्कूल में हुई. इन्होंने बीएससी की डिग्री बीएन कॉलेज पटना से ली. इसके बाद वो जय प्रकाश नारायण द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में शामिल हुए.
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सुशील कुमार मोदी का राजनीतिक सफर

सुशील मोदी का राजनीतिक सफर पटना विश्वविद्यालय में एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था. वो 1973 में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के महासचिव बने थे. 1990 में वो सक्रिय राजनीति में आए, सुशील मोदी पहली बार पटना मध्य निर्वाचन क्षेत्र से विधायक बने और उन्हें भाजपा विधायक दल का मुख्य सचेतक बनाया गया. इसे अब कुम्हार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है.

सुशील मोदी ने 1990 से 2004 के बीच तीन बार बिहार विधानसभा का चुनाव जीता. 1996 से 2004 तक वो बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे. उन्हें 2003 में भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, वो इस पद पर 2005 तक रहे.

उन्होंने 2005 में अपनी लोकसभा सदस्यता छोड़ दी और बिहार विधान परिषद के सदस्य बन गए, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने. वो 2020 में राज्यसभा के लिए चुने गए और इस साल की शुरुआत में सेवानिवृत्त हुए.

लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद चारों सदन के सदस्य रहे मोदी
अपने तीन दशकों से अधिक के राजनीतिक करियर के दौरान सुशील कुमार मोदी ने विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया. वो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद सहित सभी 4 सदनों के सदस्य रहने वाले बिहार के चंद नेताओं में से एक थे. उन्होंने 2005 से 2013 तक और फिर 2017 से 2020 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाला.

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सुशील मोदी ने पटना हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी, जिसे बाद में चारा घोटाले के रूप में जाना गया. 2004 में वो भागलपुर के निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा के सदस्य बने थे. इसके बाद लगातार बिहार की राजनीति में वो अहम भूमिका निभाते रहे. मोदी बिहार के वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम रहे.

खुद ही कैंसर होने की दी थी जानकारी
सुशील मोदी ने कुछ दिन पहले ही ‘एक्स' पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था, ‘‘पिछले छह माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूं. अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है. लोकसभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊंगा. प्रधानमंत्री को सब कुछ बता दिया है. देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित.''

सुशील कुमार मोदी के परिवार में उनकी पत्नी प्रोफेसर जेसी जॉर्ज और दो बेटे उत्कर्ष तथागत और अक्षय अमृतांशु हैं.

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