
सुशील मोदी ने विश्वासमत हासिल करने के बाद आरजेडी को निशाने पर लिया
पटना:
बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार की सरकार ने बहुमत हासिल कर लिया है. राज्यपाल को लेकर आरजेडी के सवालों पर बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि जब नीतीश कुमार ने 131 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया था तो उन्हें बुलाने की क्या जरूरत. उनके पास बहुमत था तो आज विधानसभा में सिद्ध कर देते.राजद-कांग्रेस के लोग जो दावा कर रहे थे कि दो दर्जन लोग संपर्क में हैं, उनका दावा झूठा निकला. आरजेडी-कांग्रेस की गुप्त मतदान की मांग पर सुशील मोदी ने कहा कि अगर गुप्त मतदान हो जाता तो राष्ट्रीय जनता दल टूट जाता. 1 दर्जन से ज्यादा विधायकों ने विश्वासमत के पक्ष में वोट दिया होता.
पढ़ें: नीतीश ने RSS के सामने घुटने टेके, गुप्त मतदान होता तो हार जाते: तेजस्वी यादव
सुशील मोदी ने कहा कि यह एक बेमेल गठबंधन था, जिसकी स्वाभाविक मौत हो गई. पहले ही कह दिया था कि पांच साल तक यह कार्यकाल पूरा नहीं करेगा. इसलिए यह बीच में ही टूट गया. तेजस्वी ने विधानसभा में दिए भाषण में आज एक भी शब्द भ्रष्टाचार पर नहीं कहा. अपनी करोड़ों की संपत्ति पर कुछ नहीं कहा. बिहार की जनता जानना चाहती है कि 28 साल की उम्र में इतना धन कैसे अर्जित किया. मुझे खुशी है कि नीतीश कुमार ने लालू यादव के सामने घुटने नहीं टेके.
नीतीश को आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में RJD की याचिका, सोमवार को सुनवाई
वहीं तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के विश्वास मत के बाद विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा. अपने नए तेवर और कलेवर में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे मंझे हुए खिलाड़ी ने आरएसएस के सामने घुटने टेके. बिहार के लोग ठगा हुए महसूस कर रहे हैं. नीतीश कुमार के फैसले से जनता आहत है. विधायकों को सीएम आवास पर कैद रखा गया. यदि सदन में गुप्त मतदान होता तो नीतीश कुमार विश्वास मत हासिल नहीं कर पाते. यह सब एक व्यक्ति विशेष की वजह से यह सब हुआ. नीतीश ने पहले से ही जाने का मन बना लिया था. अब हम लोग जनता के बीच जाकर पूरी बात बताएंगे.
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सुशील मोदी ने कहा कि यह एक बेमेल गठबंधन था, जिसकी स्वाभाविक मौत हो गई. पहले ही कह दिया था कि पांच साल तक यह कार्यकाल पूरा नहीं करेगा. इसलिए यह बीच में ही टूट गया. तेजस्वी ने विधानसभा में दिए भाषण में आज एक भी शब्द भ्रष्टाचार पर नहीं कहा. अपनी करोड़ों की संपत्ति पर कुछ नहीं कहा. बिहार की जनता जानना चाहती है कि 28 साल की उम्र में इतना धन कैसे अर्जित किया. मुझे खुशी है कि नीतीश कुमार ने लालू यादव के सामने घुटने नहीं टेके.
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