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आम लोगों जैसे ट्रायल का सामना करें...अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट की अमीरों को सख्त टिप्पणी

अगस्ता वेस्टलैंड VVIP हेलिकॉप्टर डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी वकील गौतम खेतान की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया.

आम लोगों जैसे ट्रायल का सामना करें...अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट की अमीरों को सख्त टिप्पणी
  • SC ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गौतम खेतान की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
  • गौतम खेतान ने धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 44(1)(c) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी
  • CJI ने कहा कि ट्रायल के दौरान अमीर और प्रभावशाली लोग कानून की वैधता को चुनौती देने का नया ट्रेंड बना रहे हैं
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नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड VVIP हेलिकॉप्टर डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी वकील गौतम खेतान की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. खेतान ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के कुछ प्रावधानों, खासकर धारा 44(1)(c) की वैधता को चुनौती दी थी. CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने खेतान की ओर से दलील दी कि याचिका में PMLA के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है.

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CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी

इस पर CJI सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक नया ट्रेंड बन गया है कि जब ट्रायल चल रहा होता है, तो अमीर और प्रभावशाली लोग कानून की वैधता को चुनौती देने के लिए अदालत आ जाते हैं. आम नागरिक की तरह ट्रायल का सामना करें. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि PMLA के प्रावधानों को चुनौती देने वाली समान याचिकाएं पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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पीठ ने आदेश में क्या कुछ कहा

पीठ ने आदेश में कहा कि कानूनी प्रश्न को उपयुक्त कार्यवाही में तय करने के लिए खुला रखा जाता है. समान चुनौती लंबित होने के कारण याचिका पर विचार नहीं किया जा रहा है. गौरतलब है कि अगस्त 2025 में भी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने PMLA की धारा 44 के तहत ईडी को आगे की जांच करने के अधिकार को चुनौती दी थी.

वर्तमान में विजय मदनलाल चौधरी मामले में PMLA के विभिन्न प्रावधानों की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पुनर्विचार याचिका भी शीर्ष अदालत में लंबित है.

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