विज्ञापन

₹27,000 करोड़ बैंक फ्रॉड केस: अमटेक ग्रुप के चेयरमैन को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले जमानत से इनकार करते हुए कहा था कि अरविंद धाम की रिहाई से ट्रायल प्रभावित हो सकता है और जनता का न्याय प्रणाली पर भरोसा कमजोर पड़ेगा.

₹27,000 करोड़ बैंक फ्रॉड केस: अमटेक ग्रुप के चेयरमैन को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
  • सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद धाम को ₹27,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है
  • दिल्ली HC ने पहले जमानत अस्वीकार करते हुए कहा था कि रिहाई से ट्रायल प्रभावित होगा
  • ED की जांच में पाया गया कि ₹15,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के जरिए हेराफेरी हुई
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने अमटेक ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अरविंद धाम को ₹27,000 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है. जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने अगस्त 2025 के दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें धाम की जमानत याचिका खारिज की गई थी.

यह मामला वर्ष 2022 में आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. आरोप है कि अमटेक ग्रुप की कंपनियों ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और वित्तीय हेरफेर के जरिए बैंकों से लिए गए ऋण का भुगतान नहीं किया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले जमानत से इनकार करते हुए कहा था कि अरविंद धाम की रिहाई से ट्रायल प्रभावित हो सकता है और जनता का न्याय प्रणाली पर भरोसा कमजोर पड़ेगा. अदालत ने टिप्पणी की थी कि गंभीर आर्थिक अपराधों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और केवल “बीमार और अशक्त” होना जमानत का आधार नहीं हो सकता.

सुप्रीम कोर्ट के फरवरी 2024 के निर्देशों के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू की और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. ईडी ने दावा किया कि अरविंद धाम इस घोटाले के अंतिम लाभार्थी थे. जांच में सामने आया कि संपत्तियों और मुनाफे को ₹15,000 करोड़ से अधिक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया, फर्जी बिक्री और खरीद दर्ज की गई, 500 से अधिक शेल कंपनियां बनाई गईं और डमी निदेशकों के जरिए सार्वजनिक धन की हेराफेरी की गई.

ईडी ने अरविंद धाम को जुलाई 2025 में गिरफ्तार किया था. जमानत की मांग करते हुए धाम ने दलील दी कि वे 64 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक हैं, एक वर्ष से अधिक समय से हिरासत में हैं और पीएमएलए की धारा 45 के तहत “बीमार और अशक्त” श्रेणी का लाभ मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और सीबीआई जांच लंबित होने के कारण ट्रायल जल्द शुरू होने की संभावना नहीं है.

ये भी पढ़ें-: NDTV Exculsive: ऑपरेशन सिंदूर के बाद 66 बार अमेरिका के पास गुहार लगाने गया पाकिस्तान, कॉल- ईमेल वाले सबूत देखिए

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Amtek Group, Arvind Dham, Bank Fraud
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com