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बंगाल में रिजल्ट बाद केंद्रीय बलों की तैनाती से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से किया इनकार

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में सनातनी संसद द्वारा एक याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती जारी रखने और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की गई है.

बंगाल में रिजल्ट बाद केंद्रीय बलों की तैनाती से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से किया इनकार
नई दिल्ली:

चुनाव बाद हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती जारी रखने और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा- वोटिंग खत्म हो चुकी है. वोटों की गिनती भी चल रही गई है, जो शाम तक पूरी हो जाएगी.  पहले इस पर राजनीतिक कार्यपालिका फैसला करें फिर अदालत बाद में इस मामले को सुनेगी. कोर्ट ने इस मामले में 11 मई को अगली तारीख दी है.  

वीवी गिरी बोले- पिछली बार भी रिजल्ट के बाद हुई थी हिंसा

सीनियर एडवोकेट वी.वी. गिरी ने कहा कि पिछली बार भी व्यापक हिंसा हुई थी, इसलिए इस बार भी सावधानी जरूरी है. इस पर सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्नी नायडू ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद उनकी भूमिका समाप्त हो जाती है. इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि इस मामले के लिए हाई कोर्ट का रुख करें. मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने पूछा कि इस मामले में इतनी जल्दबाजी  क्या है?

गिरी ने जवाब दिया कि केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रहनी चाहिए. जस्टिस बागची ने कहा कि यह निर्णय राजनीतिक कार्यपालिका को लेना चाहिए, अदालत को नहीं. राज्य को राजनीतिक कार्यपालिका द्वारा ही चलने दिया जाए. अंत में कोर्ट ने कहा कि बंगाल SIR मामले में अगली सुनवाई 11 मई को होगी और इसकी सुनवाई भी 11 मई को करेंगे. 

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में सनातनी संसद द्वारा एक याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती जारी रखने और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की मांग की गई है.

बंगाल में बीजेपी को मिलती दिख रही बहुमत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना से प्राप्त रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 159 सीट पर आगे है जबकि तृणमूल कांग्रेस 83 सीट पर बढ़त बनाए हुए है. निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी. यह रुझान राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकने वाले संभावित नतीजे की ओर संकेत देता है. शुरुआती आंकड़े भौगोलिक रूप से बंटे जनादेश के संकेत दे रहे हैं. भाजपा सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में आगे बढ़ती दिख रही है, जबकि तृणमूल कोलकाता के कुछ हिस्सों और कुछ ग्रामीण गढ़ों में अपनी पकड़ बनाए हुए है.

राज्य की 293 विधानसभा सीट के लिए मतगणना सुबह आठ बजे डाक मतपत्रों से शुरू हुई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए डाले गए मतों की गिनती प्रारंभ की गई.

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