पंजाब में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य में सक्रिय ड्रग तस्करी, गैंगस्टर गिरोहों और अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की है. जाखड़ का दावा है कि इन मामलों की जांच से न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा नेटवर्क सामने आएगा, बल्कि कथित सरकारी संरक्षण की परतें भी खुल सकती हैं.
अपने पत्र में सुनील जाखड़ ने दो अलग-अलग मामलों का हवाला देते हुए कहा कि ये घटनाएं आपस में जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं और पंजाब में चल रहे संगठित अपराध के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ड्रग्स, हथियारों और गैंगस्टर गतिविधियों का गठजोड़ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है.
जाखड़ ने किन मामलों का जिक्र किया?
जाखड़ ने साल 2023 के एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि बठिंडा जिले के नथाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने चार किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी. उनके अनुसार जांच के दौरान सामने आया था कि यह खेप हैरी नाम के आरोपी ने मंगवाई थी, जो उस समय फिरोजपुर जेल में बंद था.
जाखड़ ने कहा कि हैरी हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और 20 साल की सजा काट रहा था. उसके खिलाफ सात अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज थे.
पत्र में जाखड़ ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2024 में कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से हैरी को पैरोल दिलाई गई और बाद में उसे दुबई भागने में मदद की गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि दुबई पहुंचने के बाद हैरी पंजाब में अंबोहऱ से लेकर लुधियाना तक फैले नेटवर्क के जरिए ड्रग्स तस्करी, रंगदारी वसूली और गैंगस्टर गतिविधियां संचालित कर रहा है.
जाखड़ के मुताबिक, इसके बावजूद पंजाब सरकार ने उसकी फाइल बंद कर दी.
कांस्टेबल करम सिंह का मामला भी उठाया
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक अन्य मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में पंजाब सरकार की एंटी-ड्रोन यूनिट में तैनात कांस्टेबल करम सिंह को गिरफ्तार किया गया था और उसके कब्जे से 25 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी. जाखड़ ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान करम सिंह ने ऐसी 24 और डिलीवरी कराने की बात स्वीकार की थी.
जाखड़ ने आरोप लगाया कि इस नेटवर्क के जरिए केवल हेरोइन ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान से हथियार भी भारत में पहुंचाए जा रहे थे. उनके अनुसार, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई, गैंगस्टर गतिविधियों और रंगदारी वसूली के मामलों के बीच गहरे संबंध हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थ और हथियार देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच NIA जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए.
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