मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में चंदा चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके इन आरोपों पर सिद्धिविनायक मंदिर रविार को जवाब देगा. इससे पहले बीजेपी के विधायक राम कदम ने कहा था कि गणेश मंदिर के बारे में ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है. अगर राज ठाकरे के पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें इसे पुलिस को सौंपना चाहिए।
राज ठाकरे ने शनिवार को प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का दावा करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं. मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए. मनसे प्रमुख ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक पत्र पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया. ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी, लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई.
हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की दावा
ठाकरे ने दावा किया, ‘‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है.'' इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं.'' सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई.
बीजेपी ने कहा- सबूत है तो पुलिस को सौंपना चाहिए
बीजेपी विधायक राम कदम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "राज ठाकरे खुद अक्सर दर्शन के लिए सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं. मैंने उनके साथ पांच साल काम किया है और भगवान गणेश उनके आराध्य देव हैं. गणेश मंदिर के बारे में ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं है. अगर उनके पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें इसे पुलिस को सौंपना चाहिए. मामले की पूरी जांच की जाएगी."
उन्होंने राज ठाकरे पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "मीडिया के सामने इस बारे में बात करने से सुर्खियां तो मिल सकती हैं, लेकिन इससे किसी भी मंदिर में ऐसी घटनाओं को रोकने का मकसद पूरा नहीं होगा. पुख्ता जानकारी दिए बिना सिर्फ मीडिया के सामने बोल देना, यह उनका सुर्खियों में आने का प्रयास है."
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