- शशि थरूर ने NDTV से कहा- सोमवार को पुलिस ने प्रोटेस्ट मार्च के वक्त सख्ती नहीं दिखाई.
- सीजेपी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच कोई होड़ नहीं.
- शशि थरूर ने नेहा बोरा की जमकर तारीफ की और उन्हें सीजेपी प्रोटेस्ट का मुख्य चेहरा बताया.
केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की तारीफ एक ऐसी जगह से हुई, जिसकी उम्मीद नहीं थी. जी हां. कांग्रेस की तरफ से ऐसा हुआ है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई में 'इंडिया' ब्लॉक के हजारों लोगों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया. इसके कुछ ही घंटों बाद, कांग्रेस पार्टी के ही लीडर शशि थरूर ने संयम बरतने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार ने 'समझदारी' दिखाई है. शशि थरूर ने NDTV के साथ बातचीत में कहा, "कांग्रेस के नजरिए से देखें तो हमें बहुत बड़ी तादाद में जोशीले समर्थक मिले, लेकिन उतनी ही हैरान करने वाली बात थी उनका (दिल्ली पुलिस) जोश और कमिटमेंट, जबकि आम लोगों के मन में यह डर हो सकता था कि पुलिस शनिवार और रविवार की तरह ही बर्ताव करेगी." थरूर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई का जिक्र कर रहे थे.
'सरकार और पुलिस की तारीफ करनी होगी...'
शशि थरूर के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के प्रोटेस्ट मार्च के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. उन्होंने कहा, "सरकार और पुलिस की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने कोई सख्त रवैया नहीं अपनाया. बैरिकेड्स और पुलिस की जरूरत से ज्यादा मौजूदगी थी. लेकिन पुलिस का काम बस नजर रखना था. पूरे मार्च को पुलिस की तरफ से बिना किसी दखल के होने दिया गया. और मेरे हिसाब से इस स्थिति पर सरकार का यह रवैया काफी समझदारी भरा और परिपक्व था."
कांग्रेस का मूल प्लान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक ज्ञापन सौंपने का था. हालांकि, जज ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और पार्टी व उसके सहयोगियों से अपनी मांगों के साथ एक याचिका दायर करने को कहा. राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के 10 अन्य नेताओं ने मार्च के बाद अपनी याचिका सौंपी.
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'सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का असर...'
करियर डिप्लोमैट से राजनेता बने थरूर ने कहा, "देखिए, मैं आपको साफ-साफ बता दूं कि यह बात बिल्कुल बेतुकी है. जहां तक हमारी बात है, हम ही बीजेपी के मुख्य राष्ट्रीय विपक्षी दल हैं. दूसरी बात, अगर सरकार ने ऐसा व्यवहार किया, तो मुझे यकीन है कि रविवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का भी इसमें कुछ न कुछ हाथ रहा होगा. आप उन्हें उतना श्रेय नहीं दे रहे हैं, जितना उन्हें मिलना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि शायद इसीलिए उन्होंने यह तय किया कि वे कोर्ट की बात मानेंगे. मैं बस इतना कह सकता हूं कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए एहतियाती तैनाती करना समझदारी भरा कदम था, लेकिन साथ ही पहले जैसा व्यवहार न करना भी सही था."
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और सीजेपी राजनीतिक जगह पाने के लिए आपस में होड़ नहीं कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि AISA की प्रेसिडेंट नेहा बोरा, असल में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थीं और वह भी INDIA ब्लॉक के आंदोलन में शामिल हुईं.
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शशि थरूर ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से इसे बिल्कुल भी मुकाबला नहीं मानता. असल में सीजेपी प्रोटेस्ट का मुख्य चेहरा रहीं नेहा बोरा आज हमारे साथ थीं. वह उसी बस में थीं, जिसमें कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी थे. मैं उनसे मिला. उन्होंने बहुत अच्छे से मेरे साथ सेल्फी ली. वे बहुत बढ़िया लड़की हैं. और मुझे बहुत खुशी है कि वह हमारे साथ थीं. इसलिए, मैं इसे मुकाबला नहीं मानता. मुझे लगता है कि हम सब उन्हीं सिद्धांतों के लिए लड़ रहे हैं, जिन्हें भारत के लोकतांत्रिक लोग चाहते होंगे, वे चाहे किसी भी राजनीतिक दल के हों."
शशि थरूर ने आगे कहा, "उन्हें (नेहा) निश्चित रूप से बहुत ज्यादा अटेंशन मिला, है ना? और सही भी है, क्योंकि उन्होंने जो हिम्मत दिखाई और अपने सिद्धांतों के प्रति जो प्रतिबद्धता दिखाई, उसके लिए ऐसा होना ही था. मैं बस उसी की तारीफ कर रहा हूं."
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