देशभर में बारिश का मौसम अब धीरे-धीरे विदा होने लगा है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बड़ा अपडेट जारी करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों से वापसी शुरू कर दी है. इस तरह इस साल मॉनसून की विदाई सामान्य तिथि से दो दिन देर से शुरू हुई है. आमतौर पर मॉनसून की वापसी 17 सितंबर के आसपास शुरू मानी जाती है. दिलचस्प बात यह है कि इस साल मॉनसून की एंट्री भी देरी से हुई थी. मॉनसून 4 जून 2026 को केरल पहुंचा था जो सामान्य तारीख से तीन दिन बाद था.
राजस्थान से शुरू हुआ वापसी का सफर
मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून वापसी की वर्तमान रेखा पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों से होकर गुजर रही है. रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी और खाजूवाला जैसे क्षेत्रों से मॉनसून पीछे हट चुका है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 3 से 4 दिनों के दौरान राजस्थान के और हिस्सों से मॉनसून वापस लौट सकता है. इसके साथ ही पंजाब के कुछ क्षेत्रों तथा सौराष्ट्र और कच्छ में भी मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
इस सीजन में सामान्य से कम हुई बारिश
इस बार मॉनसून सीजन देश के कई हिस्सों के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. आईएमडी के आकलन के अनुसार 18 सितंबर तक देशभर में औसतन 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है.

सबसे अधिक कमी दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में देखी गई जहां सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश हुई. पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी स्थिति चिंताजनक रही और यहां बारिश में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. कृषि के लिहाज से अहम उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा सामान्य से 9 प्रतिशत कम रही जबकि मध्य भारत में 6 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
एक तरफ मॉनसून की वापसी शुरू हुई है तो दूसरी तरफ मौसम विभाग ने नए बारिश वाले सिस्टम को लेकर चेतावनी भी जारी की है. उत्तरी अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. यह सिस्टम 21 सितंबर तक अवदाब और 22 सितंबर तक गहन अवदाब में बदल सकता है. इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 22 से 25 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.
किसानों और प्रशासन की बढ़ी चिंता
मॉनसून की वापसी और नए मौसम सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से कई राज्यों में मौसम पर नजर रखी जा रही है. जहां उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर समाप्ति की ओर बढ़ रहा है वहीं पूर्वी भारत में एक बार फिर तेज बारिश की संभावना ने किसानों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है. आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं.
यह भी पढ़ें- देश में कम मॉनसून: करीब 43% एरिया को कवर करने वाले 16 राज्यों में इस साल कम बारिश हुई
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं