- दिल्ली में 46, लखनऊ में 43, बांदा 48. दिल्ली, यूपी से एमपी, महाराष्ट्र तक पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ रही है.
- गर्मी इतनी प्रचंड है कि दिन ही नहीं, रात 10 बजे भी राजधानी दिल्ली का तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा.
- IMD ने कहा है कि अभी 10 दिनों राहत नहीं है. तसल्ली ये है कि तमिलनाडु में प्री-मानसून की बौछारें आने वाली हैं.
मई खत्म होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम ने लोगों की हालत खराब कर दी है. दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई इलाके इस वक्त भीषण हीटवेव की चपेट में हैं. दिन में सड़कें सूनी पड़ रही हैं, दोपहर में बाजार बंद हो रहे हैं और अब हालात ऐसे हैं कि रात में भी राहत नहीं मिल रही. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बहुत कम हैं. कई जगहों पर तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. देश के कई बड़े शहर इस वक्त झुलस रहे हैं.
देश के किन शहरों में कितना तापमान
दिल्ली में अधिकतम तापमान 46 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. यूपी के बांदा में तापमान 48 डिग्री तक पहुंच गया, जो फिलहाल देश में सबसे ज्यादा दर्ज तापमानों में शामिल है. राजस्थान का श्रीगंगानगर 46.5 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है.
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और लू जारी है और पहली बार लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है. यहां खजुराहो, नौगांव (छतरपुर) राजगढ़ और ग्वालियर जैसे जिले सबसे अधिक तप रहे हैं. इन इलाकों में तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है.
उत्तर भारत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में हैं. वहीं राजस्थान और बुंदेलखंड क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. बांदा के अलावा चित्रकूट, झांसी में तापमान 46 डिग्री से ऊपर है तो महोबा, जालौना, हमीरपुर और फतेहपुर भीषण लू की चपेट में हैं.
उधर महाराष्ट्र के भी कई जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं. सबसे ज्यादा विदर्भ के इलाके तप रहे हैं. यहां नागपुर, अमरावती, अकोला से लेकर वर्धा तक तापमान 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है. वहीं मराठवाड़ा के परभनी और हिंगोली जिले में तापमान 40 डिग्री से लगातार ऊपर बना हुआ है. यहां सबसे कम तापमान कोकण के तटीय इलाके मुंबई, थाने और रत्नागिरी में देखा गया.

क्या 50 डिग्री पार जा सकता है तापमान?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल आधिकारिक पूर्वानुमान 50 डिग्री का नहीं है, लेकिन जिस तरह लगातार हीटवेव बनी हुई है और जमीन लगातार गर्म हो रही है, उससे कुछ स्थानीय इलाकों में तापमान 49 डिग्री के बेहद करीब पहुंच सकता है. राजस्थान, बुंदेलखंड और विदर्भ के कुछ हिस्से सबसे ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्र माने जा रहे हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक अगर अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ और हवाओं का पैटर्न ऐसा ही बना रहा, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. भारत में इससे पहले राजस्थान के फालोदी में 2016 में 51 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया जा चुका है. इसलिए 50 डिग्री अब असंभव नहीं माना जा रहा.
दिल्ली में दिन ही नहीं, रात भी ‘तंदूर' जैसी
इस बार की गर्मी की सबसे डरावनी बात सिर्फ दिन का तापमान नहीं, बल्कि रात की गर्मी है. दिल्ली में न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है. मौसम विभाग के मुताबिक यह मई महीने की सबसे गर्म रातों में से एक है. करीब 14 साल बाद दिल्ली ने इतनी गर्म रात देखी है. इससे पहले मई 2012 में न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री तक पहुंचा था.
आखिर ‘गर्म रात' इतनी खतरनाक क्यों?
आमतौर पर रात में तापमान गिरने से शरीर को राहत मिलती है. लेकिन जब रात में भी तापमान 30 डिग्री से ऊपर बना रहे, तब शरीर लगातार गर्मी झेलता रहता है. इससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है, नींद खराब होती है, हार्ट और BP मरीजों पर दबाव बढ़ता है, बुजुर्ग और बच्चों में हीट स्ट्रेस बढ़ता है, हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
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इतनी भीषण गर्मी की क्या हैं वजहें?
मौसम वैज्ञानिक इस भीषण पड़ रही गर्मी की कई वजहें बता रहे हैं, इनमें सबसे अहम ये है कि उत्तर भारत में इस वक्त कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. यही सिस्टम आमतौर पर आंधी, बारिश और ठंडी हवाएं लाता है. इसके कमजोर होने से गर्म हवा लगातार बनी हुई है.
दरअसल, वेस्टर्न डिस्टर्बन्स या पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली वो हवा है. जो भूमध्य सागर, अटलांटिक महासागर और कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे भारत के उत्तरी इलाकों, पाकिस्तान और नेपाल के इलाकों में बारिश कराती है.
इस समय राजस्थान और पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म और सूखी हवाएं, राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक पहुंच रही हैं और ये हवाएं तापमान को तेजी से ऊपर धकेल रही हैं.
जिन इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है वहां आसमान में बादल न के बराबर हैं. ऐसे में सूरज की सीधी रोशनी धरती को ज्यादा गर्म कर रही है. धरती इतनी अधिक तप रही है कि इसकी उष्मा रात में भी बहुत कम नहीं हो पा रही, इसी वजह से रात का तापमान भी बहुत अधिक बना हुआ है.
बड़े शहरों (जैसे- दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, हैदराबाद और अन्य) में कंक्रीट की बनी इमारतें, लंबी चौड़ी सड़कें, ट्रैफिक और घरों और वाहनों से एयर कंडीशन से निकलने वाली गर्मी रात के तापमान को और बढ़ा रही हैं. ये भी वो वजह हैं कि शहरों में रातें पहले से अधिक गर्म महसूस हो रही हैं.
सबसे अहम कारक, जलवायु परिवर्तन. एक्सपर्ट लगातार चेतावनी दे रही हैं कि भारत में हीटवेब अब अधिक तीव्र और ज्यादा समय तक चलेगी. उनके मुताबिक इंसान जनित जलवायु परिवर्तन (जैसे कि वनों की कटाई, जीवाश्व आधारित इंधनों को जलाना, औद्योगिक प्रक्रियाओं का बढ़ना) से अब मौसम की स्थिति और चरम बन रही है.
दिल्ली-एनसीआर में रेड और ऑरेंज अलर्ट
दिल्ली में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देश के 8 राज्यों में लू का हाई अलर्ट जारी किया है. दिल्ली से लेकर यूपी और महाराष्ट्र तक हीट वेव का रेड अलर्ट जारी है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में भी लू को लेकर रेड अलर्ट है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 25-26 मई तक हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी और राजस्थान में अगले 4 से 5 दिन बेहद कठिन रहने वाले हैं. दोपहर के समय गर्म हवाएं यानी लू 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं.
उत्तर प्रदेश का बांदा जिला इस वक्त देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल है. यहां तापमान 48 डिग्री तक पहुंच चुका है. कई जिलों में दोपहर के वक्त सड़कें खाली हो रही हैं. लखनऊ में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया है. कानपुर, प्रयागराज, झांसी और हमीरपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है. कई जगह स्कूलों की छुट्टियां जल्दी घोषित करनी पड़ी हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसान अब दिन की बजाय रात में खेतों में काम कर रहे हैं क्योंकि दोपहर की गर्मी में बाहर काम करना मुश्किल हो गया है.

राजस्थान बना ‘हीट चेंबर'
राजस्थान के ज्यादातर जिले इस वक्त आग उगल रहे हैं. श्रीगंगानगर सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 46.5 डिग्री पहुंचा. इसके अलावा पिलानी, बीकानेर, फालोदी, चुरू और कोटा में भी तापमान 44 डिग्री से अधिक बना रहा. वहीं जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और कोटा संभाग में लगातार हीटवेव बनी हुई है. कई शहरों में प्रशासन सड़क पर पानी का छिड़काव कर रहा है ताकि सतह का तापमान कम किया जा सके.
दक्षिण भारत में भी हालात खराब
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, दक्षिण भारत भी इस वक्त तप रहा है. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई जिले 44 से 47 डिग्री तापमान झेल रहे हैं. आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के पिडुगुरल्ला में तापमान 47.6 डिग्री दर्ज किया गया. करीब 232 मंडल हीटवेव की चपेट में बताए जा रहे हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंता रेड्डी ने लोगों से दोपहर में घर से बाहर न निकलने की अपील की है. कई शहरों में फ्री पानी केंद्र और ओआरएस वितरण शुरू किया गया है.
अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज
इधर राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में हीट एक्सॉशन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ने लगे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक भीषण गर्मी से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, हार्ट और किडनी के मरीजों, डायबिटिडी और बीपी के मरीजों को है. डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें.
AQI भी बना परेशानी
दिल्ली में गर्मी के साथ हवा की गुणवत्ता भी चिंता बढ़ा रही है. कई इलाकों में AQI ‘मॉडरेट' से ‘पुअर' कैटेगरी में पहुंच गया है. आनंद विहार, वजीरपुर और रोहिणी जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब दर्ज की गई. गर्म हवाएं और धूल मिलकर लोगों की परेशानी और बढ़ा रही हैं.

मई के आखिरी 10 दिन कैसे रहेंगे?
IMD के शुरुआती अनुमान के मुताबिक मई के आखिरी दिनों में उत्तर भारत में गर्मी बनी रह सकती है. हालांकि 26-27 मई के बाद कुछ इलाकों में हल्की राहत के संकेत हैं. हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि 25 मई तक भीषण गर्मी जारी रहेगी. वहीं 26-27 मई के बाद कहीं-कहीं धूल भरी आंधी तो कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी संभव है. इसके मुताबिक राजस्थान और बुंदेलखंड में गर्मी सबसे ज्यादा बनी रह सकती है.
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून बारिश राहत दे सकती है. तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इससे दक्षिण के कुछ इलाकों में तापमान नीचे आ सकता है, लेकिन उत्तर भारत को फिलहाल ऐसी राहत मिलती नहीं दिख रही.
सरकार और प्रशासन क्या कर रहे हैं?
दिल्ली समेत कई राज्यों में कूलिंग जोन्स बनाए गए हैं. लोगों को पानी और ओआरएस बांटे जा रहे हैं सड़कों पर पानी का छिड़काव हो रहा है. स्कूलें या तो बंद कर दी गई हैं या उनका समय बदला गया है. हीटवेव को लेकर क्या करें और क्या न करें ऐसी एडवाइजरी जारी की गई है.
आखिर कितनी खतरनाक है यह गर्मी?
पब्लिक हेल्थ स्टडीज के मुताबिक 2008 से 2019 के बीच हर साल औसतन 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत गर्मी से जुड़ी वजहों से हुई. जानकारों का कहना है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है क्योंकि कई मौतों में हीटवेव को आधिकारिक वजह नहीं माना जाता.
यही वजह है कि जानकार अस्थायी उपाय नहीं बल्कि शहरों की प्लानिंग, हरियाली और जल प्रबंधन पर बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत पर जोर देते हैं.
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