दिलजीत दोसांझ की फिल्म'सतलुज' की स्पेशल स्क्रीनिंग जम्मू स्थित गुरुद्वारे में शुक्रवार को हुई थी. फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म से हट चुकी है. लेकिन इसका क्रेज अभी भी लोगों में दिख रहा है. जम्मू के नानक नगर स्थित गुरुद्वारा साहब में सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की तरफ से इस फिल्म की फ्री स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया था. जिसमें बड़ी संख्या में लोग फिल्म देखने के लिए पहुंचे थे. OTT प्लेटफॉर्म से इस फिल्म को अचानक हटाए जाने के बाद, सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस फिल्म की फ्री स्क्रीनिंग का फैसला लिया था.
जसवंत सिंह खालरा को दी श्रद्धांजलि
सिख समुदाय और कमेटी के सदस्यों का मानना है कि यह महज एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के दर्द, संघर्ष और न्याय की लड़ाई को एक श्रद्धांजलि है. उनका कहना है कि इस फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए. क्योंकि यह पंजाब के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक को सामने लाती है. फिल्म रात में 8 बजे से शुरू हुई और रात में 10 बजकर 20 मिनट तक चली थी.
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ओटीटी से हट चुकी है फिल्म
इस फिल्म को लेकर सरकार और सिख समुदाय के विचारों में बड़ा मतभेद है. पहले फिल्म का नाम 'पंजाब 95' रखा गया था. इसके बाद फिल्म का नाम 'सतलुज' रखा गया था. फिल्म लंबे समय तक सेंसर प्रक्रिया में फंसी रहने के बाद करीब तीन साल बाद ओटीटी पर रिलीज हुई थी. लेकिन रिलीज के 48 घंटे बाद ही इसे ओटीटी से हटा लिया गया था. सूचना और प्रसारण मंत्रालय का कहना था कि फिल्म जरूरी सर्टिफिकेशन के बिना ही रिलीज की गई थी. ऐसे में इसे नियमों के खिलाफ माना गया और ओटीटी से हटाने के निर्देश दिए गए थे.
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