- करीब एक दशक की देरी के बाद बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का काम पूरा हो गया है
- PWD ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिख अगस्त में उद्घाटन के लिए तारीख मांगी है
- सराय काले खां होते हुए मयूर विहार फेज-1 और एम्स के बीच गाड़यां बिना रुके दौड़ेंगी
दिल्लीवाले जिस एलिवेटेड कॉरिडोर का इंतजार सालों से कर रहे थे, वो बनकर तैयार हो गया है. सबसे ज्यादा फायदा उन लाखों लोगों को होगा जो हर दिन सुबह-शाम रिंग रोड और सराय काले खां के भयंकर जाम में अपना कीमती समय खपा देते हैं. करीब एक दशक की देरी के बाद बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का काम पूरा हो गया है. ये खबर पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच आने-जाने वालों के लिए बड़ी राहत से कम नहीं है. अब दिल्ली वालों को इसके उद्घाटन का इंतजार है. PWD ने इसे लेकर सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिख अगस्त में उद्घाटन के लिए तारीख मांगी है.
मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक बिना रुके दौड़ेंगे वाहन
इस फ्लाईओवर के शुरू होते ही सराय काले खां होते हुए मयूर विहार फेज-1 और एम्स के बीच गाड़यां बिना रुके दौड़ेंगीं. क्यों कि इस फ्लाईओवर पर वाहनों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. इस वजह से यात्रा का समय घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा. पूर्वी दिल्ली से दक्षिण और मध्य दिल्ली जाने वाले लोगों को ट्रैफिक से भी निजात मिलेगी. नया फ्लाईओवर चालू होने से NH-24, DND फ्लाईओवर, रिंग रोड और सराय काले खां जंक्शन पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जााएगा.

बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर की बड़ी बातें
- बारापुला फ्लाईओवर 3.5 किमी. लंबा
- मयूर विहार से एम्स तक पुल से 9 किमी. का सफर
- 11 साल पहले साल 2015 में मिली थी परियोजना को मंजूरी
- पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के बीच सफर होगा आसान
- अभी नई दिल्ली या रिंग रोड से होकर पूर्वी से पश्चिमी दिल्ली जाना पड़ता है
अगस्त में हो सकता है बारापुला फ्लाईओवर का उद्घाटन
बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर के उद्घाटन की अंतिम तारीख का ऐलान अब तक नहीं हुआ है. उम्मीद जताई जा रही है कि हाल ही में बनकर तैयार मुकरबा चौक अंडरपास के साथ ही इस कॉरिडोर का भी उद्घाटन किया जा सकता है. सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा था कि फ्लाईओवर का काम पूरा हो चुका है. इसके उद्घाटन की तारीख तय की जा रही है.
बता दें कि इस फ्लाईओवर को 2014 में मंज़ूरी मिली थी. लेकिन निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ. इस प्रोजेक्ट को साल 2017 में पूरा किया जाना था. लेकिन ज़मीन अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं, कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवादों और काम में देरी जैसी कई वजहों की वजह से काम कई सालों तक अटका रहा.

दिल्ली के किन इलाकों को होगा फायदा?
नए फ्लाईओवर के शुरू होने से आईएनए, एम्स, साउथ एक्स, सरोजिनी नगर और आसपास से ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार, त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, दल्लूपुरा, वेस्ट विनोद नगर जाने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे. वर्तमान में नई दिल्ली से ईस्ट दिल्ली जाने में 50 मिनट से एक घंटा लग जाता है.
PWD के सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, सभी बड़े सिविल काम पूरे हो चुके हैं. तेजी से काम पूरा करने के लिए पिछले कुछ महीनों में 400 से ज्यादा मजदूरों को कई शिफ्ट में काम पर लगाया गया था. मिडिल ईस्ट संघर्ष की वजह से सप्लाई में आई रुकावटों से आखिरी फेज का काम प्रभावित हुआ, जिसकी वजह से सड़क बनाने और वेल्डिंग के लिए जरूरी बिटुमेन और इंडस्ट्रियल गैस की कमी हो गई. बंगाल विधानसभा चुनावों में मजदूरों के जाने की वजह से भी काम की रफ्तार कम हो गई थी.
बिना लाल बत्ती एम्स तक रफ्तार
बारापुला फेज-3 फ्लाईओर की खासयत यह है कि इस पर कोई लाल बत्ती नहीं है. बिना किसी लाल बत्ती के झंझट के के मयूर विहार से सीधे एम्स के पास पहुंचा जा सकेगा. इससे न सिर्फ फ्यूल बचेगा बल्कि समय भी भी बचत होगी. साथ ही जाम से मुक्ति मिलेगी वो अलग. रिंग रोड पर आश्रम से एम्स तक वाहनों का दबाव भी कम हो जाएगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर का इंतजार दिल्लीवाले सालों से कर रहे थे.
दिल्ली सरकार ने प्रोजेक्ट में देरी से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच के आदेश एंटी-करप्शन ब्रांच से कराने के आदेश दिए, तब जाकर काम पूरा हो सका. इस फ्लाईओवर को बनाने के लिए शुरुआती लागत ₹964 करोड़ तय की गई थी, लेकिन यह अनुमान बढ़कर करीब ₹1,330 करोड़ हो गया है, देरी की मुख्य वजह ये भी है.
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