- हरियाणाके राजपुरा गांव की मोनिका लोहान ने बिहार लोक सेवा आयोग में 23वीं रैंक प्राप्त कर अफसर पद हासिल किया
- मोनिका की सफलता पर उनके गांव में पांच किलोमीटर लंबा विजय जुलूस निकाला गया और ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया
- मोनिका की 100 वर्षीया दादी ने अपनी पोती को नोटों की माला पहनाकर और गले लगाकर खुशी जताई
Success Story: हरियाणा के जींद जिले के राजपुरा गांव की बेटी मोनिका लोहान बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में 23वीं रैंक लाकर अफसर बनी हैं. पोती की इस शानदार सफलता पर उनकी 100 वर्ष की दादी ने भी जमकर जश्न मनाया. उन्होंने अपनी अफसर पोती को नोटों की माला पहनाई और खुशी से उन्हें गले लगा लिया. मोनिका की सफलता की खुशी में पूरा गांव डीजे की धुन पर जमकर नाचा और 5 किलोमीटर लंबा विजय जुलूस निकाला गया.

20 जून 2026 को बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम आया और बेटी मोनिका का चयन हो गया.
Photo Credit: Ramesh Lohan
'मां बोलीं- ईश्वर ने पोती की मेहनत की लाज रख ली'
रमेश लोहान के अनुसार, 20 जून 2026 को बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम आया और बेटी मोनिका का चयन हो गया. जब उन्होंने अपनी मां को इसकी जानकारी देते हुए कहा-"मां, तेरी पोती अफसर बन गई," तो उन्होंने हाथ जोड़कर धरती माता और ईश्वर को प्रणाम किया. वे बोलीं कि भगवान ने उनकी पोती की मेहनत की लाज रख ली. परिणाम घोषित होने के समय मोनिका दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं, क्योंकि उनका अंतिम लक्ष्य आईएएस अफसर बनना है.
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रामराय गांव बस स्टैंड, कुटिया और शहीदी स्मारक के पास भी ग्रामीणों ने उन पर फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया. Photo Credit: Ramesh Lohan
5 KM दूर से खुली जीप में निकाला गया जुलूस
बीपीएससी में 23वीं रैंक लाकर लेबर एंड एनफोर्समेंट ऑफिसर बनने के बाद, 26 जुलाई 2026 को मोनिका जब पहली बार गांव पहुंचीं, तो पूरा गांव उनके स्वागत में उमड़ पड़ा. ग्रामीण मोनिका का अभिनंदन करने के लिए राजपुरा गांव से 5 किलोमीटर दूर इक्कास चौराहे तक पहुंच गए थे. वहां दादी, सहेलियों और चाचियों ने मोनिका को नोटों की माला पहनाई. इसके बाद उन्हें खुली जीप में बैठाकर जुलूस निकाला गया. रास्ते में रामराय गांव बस स्टैंड, कुटिया और शहीदी स्मारक के पास भी ग्रामीणों ने उन पर फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया.

BPSC के जरिए अफसर बनने वाली मोनिका अपने गांव की पहली लड़की हैं
गांव की पहली महिला अफसर बनीं मोनिका
लगभग 7,500 की आबादी वाला पूरा राजपुरा गांव मोनिका की इस कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है. वह BPSC के जरिए अफसर बनने वाली अपने गांव की पहली लड़की हैं और उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है. जुलूस के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों पर नृत्य किया, तो वहीं युवाओं ने डीजे की धुन पर जमकर ठुमके लगाए. पूरे गांव ने एक स्वर में कहा कि बेटी मोनिका क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए एक बेहतरीन प्रेरणा है.
मोनिका के चाचा-भाई भी सर्विस में
रमेश लोहान के अनुसार, मोनिका का छोटा भाई शशि मिलिट्री (सिविल सेवा) में है, जबकि उनके चाचा राजेश लोहान हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं. उनकी मां ऊषा रानी गृहिणी हैं. पिता रमेश तितरम थाना प्रभारी बनने से पहले कैथल में यातायात पुलिस प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. मोनिका की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने इंदिरा गांधी कॉलेज (जींद) से स्नातक, मुरथल विश्वविद्यालय से एमएससी और जुलाना (जींद) से बीएड की डिग्री हासिल की है.
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