- IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से ChatGPT का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था.
- साहिल ने अपनी गलती स्वीकार कर संस्थान से एक और मौका देने की अपील की थी.
- मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं.
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में मुंबई पुलिस की जांच जारी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पर ChatGPT का इस्तेमाल कर जवाब खोजते हुए पकड़ा गया था. पकड़े जाने के बाद उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए संस्थान से उसे एक और मौका देने की अपील की थी. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है और अब तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है.
जांच के दौरान IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के भी बयान लिए गए हैं. साहिल के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे जातिगत आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा था. हालांकि, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस को बताया कि किसी भी छात्र को मानसिक रूप से परेशान नहीं किया गया.
पुलिस ने संस्थान की 10 सदस्यीय जांच समिति से भी पूछताछ की. समिति ने बताया कि परीक्षा में नकल के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर 'फेल' ग्रेड और एक सेमेस्टर के निलंबन का प्रावधान अगस्त में ही समाप्त कर दिया गया था.
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे साल के छात्र वाकोडे 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे. यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी. शुरुआती रिपोर्टों से पता चला था कि वाकोडे ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था. हालांकि, बाद में संस्थान ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया था.
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