- पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की रत्ना देबनाथ ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को पछाड़ा
- रत्ना देबनाथ, जो आर.जी. कर रेप और मर्डर केस की पीड़िता की मां हैं, जो न्याय और जवाबदेही की मांग कर रही हैं
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रत्ना देबनाथ की हिम्मत की सराहना की और उनके संघर्ष को समर्थन दिया है
पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आज घोषित हो रहे हैं, बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी का किला फतह करती दिख रही है. इस वक्त बीजेपी, टीएमसी से बड़े अंतर से आगे हैं. बंगाल में इस वक्त जो सबसे प्रभावशाली और भावनात्मक तस्वीर उभरकर सामने आ रही है, वह पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से आ रही है. आर.जी. कर रेप और मर्डर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ का ताजा रुझानों में आगे चलना, सिर्फ एक सीट की चुनावी बढ़त नहीं है, बल्कि न्याय, आक्रोश और सत्ता से जवाबदेही की मांग का सीधा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.
पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को पछाड़ रखा है. अभी तक के रुझाने से साफ झलक रहा है कि पीड़ा से होकर एक मां सियासत के मैदान में उतरी, उसी पीड़ा को मतदाताओं का समर्थन मिलना बंगाल के चुनाव में बदलाव की उस धारा को रेखांकित करता है, जहां व्यक्तिगत त्रासदी अब सिर्फ निजी मामला नहीं रही, बल्कि राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन गई है. आर.जी. कर रेप और मर्डर की पीड़िता की मां और पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने पिछले दिनों ही बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'बड़े साहस के साथ संघर्ष करने' के लिए उनकी सराहना की.
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पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना के पानीहाटी में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था. जिसके बाद आरजीकर पीड़िता की मां ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पीएम मोदी ने मुझसे कहा कि मैं बहुत हिम्मत से लड़ रही हूं जब मैंने उन्हें बताया कि मैं अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहती हूं और उसका नाम और तस्वीर दुनिया के सामने लाना चाहती हूं, तो उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखा." अपने चुनावी अभियान के बारे में बात करते हुए, देबनाथ ने कहा कि उन्होंने लोगों से अपील की है और लोग भी यही चाहते हैं कि उनकी बेटी को इंसाफ मिले.
भारतीय जनता पार्टी की पानीहाटी से उम्मीदवार ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा ही इस चुनाव का सबसे अहम मुद्दा है. उन्होंने कहा, "मेरी बेटी के बहुत सारे सपने थे, लेकिन उस एक फोन कॉल ने मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल दी. अब मैंने यह प्रण लिया है कि मैं किसी और लड़की को ऐसी किसी घटना का शिकार नहीं बनने दूंगी. मैं तब तक लड़ूंगी, जब तक किसी और माता-पिता को ऐसी भयानक स्थिति का सामना न करना पड़े." देबनाथ ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई घटना के चार दिन बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके घर आई थीं और उन्होंने दावा किया था कि असली अपराधी पकड़ा जा चुका है. उन्होंने कहा, "लेकिन मैंने उनसे कहा कि नहीं, जिस व्यक्ति को पकड़ा गया है, उसे असली अपराधी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वह तो अस्पताल के बाहर था, जबकि मेरी बेटी अस्पताल के अंदर थी, उसे कैसे पता चलता कि मेरी बेटी कहां है?"
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