- केरल में 10 साल बाद कांग्रेस सत्ता में वापसी कर रही है और दक्षिण के तीन राज्यों में कांग्रेस के CM होंगे
- केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला तीन मुख्य दावेदार माने जा रहे हैं
- केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी के करीबी हैं और उन्होंने पार्टी को केरल विधानसभा चुनाव में एकजुट रखा था
केरल में दस सालों के बाद कांग्रेस सत्ता में वापसी कर रही है. पार्टी के लिए ये जीत बेहद अहम है. इसके साथ ही दक्षिण के पांच राज्यों में से तीन में अब कांग्रेस का मुख्यमंत्री होगा. केरल के अगले सीएम की रेस में मुख्य रूप से तीन नेता माने जा रहे हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, केरल में बीते पांच सालों तक नेता प्रतिपक्ष रहे वीडी सतीशन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमेश चेन्नीथला जो सियासी तौर पर वेणुगोपाल और सतीशन दोनों से वरिष्ठ और अनुभवी हैं.
वेणुगोपाल की उम्र 63 साल है वहीं इस महीने सतीशन 62 साल और चेन्नीथला 70 साल के हो जाएंगे. तीनों ही नेता अगड़ी जाति के तहत आने वाले नायर समाज से आते हैं जो केरल की आबादी का करीब 12 फीसदी है.
कांग्रेस आलाकमान ऐसे नेता के हाथों में बागडोर सौंपना चाहेगा जो मजबूती से और बिना किसी विवाद के सरकार चलाए.
केसी वेणुगोपाल: सबसे पहले बात केसी वेणुगोपाल की करें तो इनके सीएम बनने की संभावना इसलिए जताई जा रही है क्योंकि ये राहुल गांधी के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेता माने जाते हैं. केरल विधानसभा चुनाव में वेणुगोपाल ने असंतुष्ट नेताओं को मनाया और पार्टी को एकजुट रखा. हालांकि बीते सात सालों से बतौर कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के कार्यकाल की आलोचना ज्यादा होती है. केरल की छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले केसी प्रदेश और केंद्र की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. फिलहाल वो लोकसभा सांसद हैं. उनके केरल आने से दिल्ली में कांग्रेस संगठन के अंदर नए समीकरण पैदा होंगे.
वीडी सतीशन: बहरहाल, केरल की सियासी स्थिति के लिहाज से वीडी सतीशन को सीएम पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है. बीते पांच सालों में और चुनावों के दौरान भी नेता विपक्ष के तौर पर सतीशन ने सीएम पिनराई विजयन को सीधी चुनौती दी और अपने आक्रामक अंदाज की वजह से युवाओं में काफी लोकप्रिय हुए. उन्हें नेहरूवादी विचारधारा का स्पष्टवादी नेता माना जाता है. हालांकि उनकी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि नायर समाज में उनसे ज्यादा बड़ी लोकप्रियता रमेश चेन्नीथला की मानी जाती है.
रमेश चेन्नीथला: सबसे वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला के लिए सीएम बनने का ये अंतिम मौका है. उनके पास सरकार और संगठन का लंबा अनुभव है. केरल में कांग्रेस के यूडीएफ गठबंधन में शामिल दल भी उनपर भरोसा करते हैं. इस चुनाव में उन्हें प्रचार समिति की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन अगर चेन्नीथला को अनुभव का लाभ मिल सकता है तो यही उम्र उनके लिए बाधा भी बन सकती है.
कांग्रेस की तय परंपरा के मुताबिक पार्टी आलाकमान द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक नए चुने गए विधायकों के बीच रायशुमारी कर आलाकमान को रिपोर्ट देंगे. इसके बाद ही सीएम का फैसला होगा. विधायकों के बीच जिसका पलड़ा भारी रहेगा उसकी लॉटरी लग सकती है.
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