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This Article is From Apr 08, 2026

रामपाल को देशद्रोह के केस में मिली जमानत, 11 साल बाद जेल से आएंगे बाहर

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संत रामपाल को देशद्रोह के मामले में जमानत दी है, जो 11 साल बाद मिली राहत है. संत रामपाल 2014 में बरवाला आश्रम विवाद के बाद गिरफ्तार हुए थे, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी.

रामपाल को देशद्रोह के केस में मिली जमानत, 11 साल बाद जेल से आएंगे बाहर
  • पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संत रामपाल को देशद्रोह के मामले में लगभग 11 साल बाद जमानत दी है
  • संत रामपाल फिलहाल हिसार जेल में बंद हैं और उनकी रिहाई अन्य मामलों की कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी
  • 2014 में सतलोक आश्रम में प्रशासन और समर्थकों के बीच झड़प में छह लोगों की मौत हुई थी
चंडीगढ़:

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्वयंभू संत रामपाल को देशद्रोह के एक मामले में जमानत दे दी है. रामपाल को लगभग 11 साल बाद मिली इस राहत से उनके समर्थक काफी खुशी हैं. संत रामपाल फिलहाल हरियाणा के हिसार जेल में बंद हैं. साल 2014 में संत रामपाल की गिरफ्तारी हुई थी. उस दौरान हरियाणा के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में प्रशासन और समर्थकों के बीच बड़ा टकराव हुआ था. इस झड़प के दौरान 6 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे. इसी मामले से जुड़े विभिन्न आरोपों के तहत संत रामपाल के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए थे, जिनमें देशद्रोह का मामला भी शामिल था.

हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद संत रामपाल की जेल से रिहाई अन्य मामलों की कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी, क्योंकि उनके खिलाफ अलग‑अलग अदालतों में कई मुकदमे लंबित हैं. बताया जा रहा है कि जमानत की शर्तों का पालन करना उनके लिए अनिवार्य होगा. संत रामपाल सतलोक आश्रम के प्रमुख हैं और उनके अनुयायियों की संख्या देश के कई राज्यों में फैली हुई है. हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है.

कौन हैं रामपाल? 

रामपाल एक भारतीय आध्यात्मिक उपदेशक और सतलोक आश्रम के संस्थापक हैं. उनका जन्म 1951 में हरियाणा, भारत में हुआ था. धार्मिक नेता बनने से पहले, उन्होंने सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के रूप में काम किया. उन्होंने भगवद गीता, कबीर सागर और अन्य धर्मग्रंथों की व्याख्याओं के आधार पर आध्यात्मिक शिक्षाओं का प्रचार करना शुरू किया. वे 15वीं शताब्दी के संत कबीर की शिक्षाओं का पालन और प्रचार करने का दावा करते हैं. उनके अनुयायी उन्हें एक संत (आध्यात्मिक गुरु) मानते हैं और भक्ति और मोक्ष के उनके दृष्टिकोण में विश्वास करते हैं.

क्‍या हैं रामपाल से जुड़े विवाद?

साल 2006 में हरियाणा में रामपाल के अनुयायियों और एक अन्य धार्मिक समूह के बीच झड़पें हुईं, इस घटना की वजह से वह चर्चा में आ गए थे. इसके बाद साल 2014 में हिसार स्थित उनके आश्रम में पुलिस के साथ हिंसक गतिरोध हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस को तब रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ी थी. रामपाल पर गैरकानूनी कारावास बनाने और लोगों को प्रताडि़त करने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं, और कुछ मामलों में अदालतों ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया है. विवादों के बावजूद, भारत भर में विशेषकर उत्तरी राज्यों में उनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं. उनका संगठन आश्रम चलाता है और पुस्तकों, टीवी चैनलों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से शिक्षाओं का प्रसार करता है.

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