- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने आज अनिल मिश्रा और गोपाल राव को पूछताछ के लिए बुलाया है
- एसआईटी ने गुरुवार को भी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पांच घंटे तक पूछताछ की थी
- चंपत राय के ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनके कागजों पर हस्ताक्षर हैं, जिस पर भी सवाल किए जा सकते हैं
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस और एसआईटी का शिंकजा लगातार कसता जा रहा है. 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. अब बड़े पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है. सबसे पहले चंपत राय से पूछताछ की गई थी. एसआईटी ने गुरुवार को ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव से भी करीब 5 घंटे तक पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को इन लोगों समेत चंपत राय को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने इन दोनों से अपने साथ जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पेपर्स भी साथ लाने को कहा है. दरअसल ट्रस्ट के महासचिव के पद पर होने के चलते चंपत राय ने ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई कई जमीनों की रजिस्ट्री के कागजों पर हस्ताक्षर किए हैं. इसे लेकर चंपत राय से सवाल-जवाब किए जा सकते हैं.
चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ
एसआईटी की टीम ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ कर हर एक राज खंगालने में जुटी है. SIT अपनी पहली जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है. अब एक बार फिर अयोध्या जाकर जमीन और आभूषणों की डिटेल खंगालने पर काम कर रही है. ट्रस्ट की कागजी डिटेल पर आभूषण और भूमि से जुड़ी जो डिटेल है उसे बारे में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ के आधार पर बयान का मिलान कर रही है.
चढ़ावा चोरी मामले में आज SIT करेगी पूछताछ
हालांकि एसआईटी ने इस लोगों से क्या- क्या पूछा, ये पता नहीं चल सका है. चंपत राय से भी क्या-क्या पूछा गया था और उनसे कहां पूछताछ हुई थी ये भी सामने नहीं आ सका. जांच में पचा चला है कि चंपत राय ने अनिल मिश्रा को सुप्रीम पावर दी थी. मार्च 2025 में ट्रस्ट ने कैश काउंटिंग के लिए 10 नए लोगों की भर्ती किया था. इन सभी को चंपत राय ने अनिल मिश्रा के पास भेजा था. अनिल मिश्रा ने उनको इंटरव्यू लेकर काम पर रखा था.
मंदिर परिसर में फुल बॉडी स्कैनर लगाने पर विचार
वहीं चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर परिसर में फुल बॉडी स्कैनर लगाने के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है. पहले चोर अपनी जेब में कैश लेकर निकल जाते थे और उनका फिजिकल चेकअप भी नहीं होता था. मंदिर व्यवस्था से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब एक नई व्यवस्था और एक नया मार्ग सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसमें प्रवेश के समय कोई प्रतिबंध वस्तु अंदर न ले जाई जा सके. कोई भी बाहर निकलते समय अपने साथ कैश या कुछ और नहीं ले जा पाएगा. राम मंदिर चढ़ावा चोरी से राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे साधु-संत बहुत ही दुखी हैं. ये लोग चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर सवाल उठा रहे हैं.
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