अयोध्या के राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति के लिए सोमवार से इंटरव्यू शुरू हो गया है. आखिरी राउंड के लिए चयनित 18 उम्मीदवारों का एक-एक करके साक्षात्कार लिया जा रहा है. इंटरव्यू में उनके प्रशासनिक अनुभव और राम मंदिर के संचालन से जुड़े अहम सवाल भी पूछे जा रहे हैं.
राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ के लिए आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ के लिए 5200 से ज़्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. इसमें 18 उम्मीदवारों से 5 राउंड का ऑनलाइन संवाद किया गया. सभी अभ्यर्थियों से गूगल फॉर्म भी भरवाए गए हैं. इसके बाद 11, 12 और 13 अगस्त को हर दिन छह अभ्यर्थियों का साक्षात्कार किया जा रहा है. इंटरव्यू लेने का काम ट्रस्ट की ओर से चुने गए तीन सदस्यों वाली कमेटी कर रही है.
सीईओ बनने के लिए प्रशासनिक अनुभव भी जरूरी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ बनने के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से उनके प्रशासनिक अनुभव की जानकारी भी ली गई. भीड़ मैनेजमेंट से लेकर टीम मैनेजमेंट को लेकर उनका पक्ष पूछा जा रहा है. अभ्यर्थियों का पारिवारिक बैकग्राउंड और उनकी पूजा पद्धति को लेकर भी सवाल किए गए. तीन सदस्यों वाली समिति ने अभ्यर्थियों से लंबा इंटरव्यू किया ताकि उनका धैर्य क्षमता, उनका अनुभव और उनकी दक्षता को परखा जा सके. फिलहाल बुधवार और गुरुवार को भी इंटरव्यू के दो राउंड होंगे। चयनित तीन अभ्यर्थियों का नाम ट्रस्ट को भेजा जाएगा.
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड के बाद मंदिर प्रबंधन को पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सीईओ की नियुक्ति का फैसला मंदिर ट्रस्ट ने लिया है. ट्रस्ट ये चाहती है कि राम मंदिर का सीईओ सनातन धर्म का कट्टर अनुयायी हो. वो किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहता हो. हिन्दू धर्म की मान्यताओं और परंपराओं का पालन करता हो. सीईओ पद के लिए 50 से 70 साल की उम्र तय की गई है. बंद कमरे में अभ्यर्थियों का एक-एक करके साक्षात्कार हो रहा है. सेलेक्शन कमेटी में जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन सुरेश हावरे शामिल हैं.
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