लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चेन्नई में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान देश की सांस्कृतिक विविधता, छात्रों की समस्याओं और वर्तमान राजनीतिक माहौल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और देश के हर राज्य को अपनी भाषा, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान पर गर्व करने का पूरा अधिकार है.
वाइको की राजनीतिक यात्रा की सराहना
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता वाइको के सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अपने विचारों और सिद्धांतों पर कायम रहना आसान नहीं होता. वाइको ने अपने राजनीतिक जीवन में निरंतरता बनाए रखी है, जो उन्हें एक अलग पहचान देता है. राहुल ने तमिलनाडु की संस्कृति और भाषा की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह देश की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
छात्रों की परेशानियों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. कई छात्र निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि वही देश का भविष्य हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए.
भाषाई और सांस्कृतिक पहचान पर दिया जोर
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के हर राज्य की अपनी अलग पहचान है और यही विविधता देश को विशेष बनाती है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल एक प्रकार के इतिहास या संस्कृति को महत्व देने की कोशिश करते हैं लेकिन भारत की वास्तविक पहचान उसकी अनेक भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं में बसती है. राहुल गांधी ने कहा कि तमिल, मराठी, बंगाली और अन्य भारतीय भाषाओं तथा संस्कृतियों का अपना गौरवशाली इतिहास है. किसी भी राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दबाया नहीं जा सकता और न ही उसे खत्म किया जा सकता है.
दक्षिण से उत्तर तक एकता का संदेश
अपने संबोधन के माध्यम से राहुल गांधी ने दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक एकता और आपसी सम्मान का संदेश देने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि देश की एकजुटता तभी मजबूत होगी जब सभी भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों का समान सम्मान किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हाल के छात्र आंदोलनों और परीक्षा से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया. राहुल गांधी ने कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत, भाषाई पहचान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगा.
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