- प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार लखनऊ के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठ धाम में परिवार और समर्थकों की मौजूदगी में हुआ.
- एनजीओ डीके फाउंडेशन ने प्रतीक यादव की मौत को हत्या बताया और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई.
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर छह गंभीर चोटों के निशान और खून जमने के साक्ष्य पाए गए हैं.
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. राजधानी लखनऊ के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठ धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया. गमगीन माहौल में परिवार, रिश्तेदारों और समर्थकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी. लेकिन प्रतीक की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है. मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली एनजीओ डीके फाउंडेशन ने प्रतीक यादव की मौत को हत्या करार देते हुए NHRC में शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
याचिका में कहा गया है कि शुरुआती तौर पर मृत्यु का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स बताया जा रहा है. लेकिन मृतक के शरीर पर पाए गए कथित पूर्व-चोट के निशान और घटना की अचानक प्रकृति कई गंभीर सवाल खड़े करती है.
शिकायत में क्या-क्या कहा गया?
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतीक यादव एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है. एनजीओ ने मांग की है कि मामले की जांच के लिए तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए, लखनऊ के सिविल अस्पताल और संबंधित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज को न्यायिक अभिरक्षा में लिया जाए,. फॉरेंसिक जांच को राज्य के प्रभाव से मुक्त रखते हुए केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) से कराया जाए.
प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में बुधवार सुबह हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के कारण बीमार पड़ने के बाद निधन हो गया था . उन्हें तबीयत खराब होने पर राजधानी के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या था?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि शरीर में खून का थक्का बनने के बाद हालत बिगड़ी थी. शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था, जिससे आर्टरी और फेफड़ों में संक्रमण हुआ. इसके बाद कार्डियक अरेस्ट से प्रतीक यादव की मौत हो गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर कुल छह चोटों के निशान पाए गए. रिपोर्ट में बताया गया है कि छाती के दाहिने हिस्से, दाहिने हाथ, दाहिने अग्रभाग (फोरआर्म), दाहिनी कोहनी और बाईं कलाई पर गंभीर कंट्यूजन (अंदरूनी चोट) और नीचे खून जमने के निशान मिले. रिपोर्ट के मुताबिक, पहली चोट छाती के सामने दाहिने निप्पल के नीचे 14×7 सेंटीमीटर की थी, जिसका रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला पाया गया. दूसरी चोट दाहिने हाथ के पिछले हिस्से पर 19×12 सेंटीमीटर की थी. तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म पर कोहनी से कलाई तक 24×8 सेंटीमीटर की पाई गई.
इसके अलावा चौथी चोट दाहिने फोरआर्म पर 6×4 सेंटीमीटर, पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे 12×6 सेंटीमीटर और छठी चोट बाएं हाथ की कलाई पर 3×2 सेंटीमीटर की दर्ज की गई. सभी चोटों के नीचे खून जमने के निशान पाए गए.
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