विज्ञापन

'भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसी साजिश...', 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर रिजिजू से फडणवीस तक... किसने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश में हिंसक घटनाएं हुईं और फ्रांस में दंगे, आगजनी तथा लूटपाट देखने को मिली, उसी तरह की स्थिति पैदा करने की साजिश भारत में भी रची गई थी. रिजिजू का दावा है कि कुछ राजनेताओं और भारत-विरोधी तत्वों ने युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी.

'भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसी साजिश...', 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर रिजिजू से फडणवीस तक... किसने क्या कहा?
NDTV

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान'रिजीम  चेंज' वाले बयान को लेकर सियासी रार छिड़ गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. इसके बाद शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने भी इस बयान का समर्थन कर दिया है. इसके बाद  केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता सिर्फ चुनाव है, सड़क और हिंसा नहीं.

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश में हिंसक घटनाएं हुईं और फ्रांस में दंगे, आगजनी तथा लूटपाट देखने को मिली, उसी तरह की स्थिति पैदा करने की साजिश भारत में भी रची गई थी. रिजिजू का दावा है कि कुछ राजनेताओं और भारत-विरोधी तत्वों ने युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी. उन्होंने कहा कि साजिश रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस. उनके मुताबिक, भारत में सत्ता परिवर्तन पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होगा, किसी बाहरी प्रभाव या सड़क पर टकराव से नहीं.

उद्धव ने क्या कहा था?

उधर, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रशांत भूषण के 'रिजीम  चेंज' संबंधी बयान का खुलकर समर्थन किया. शनिवार को उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार लोगों से मतदान और विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखने का अधिकार छीन रही है, तो ऐसी सरकार को बदले जाने की जरूरत है. ठाकरे ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस युवाओं और महिलाओं के साथ मारपीट कर रही है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है.

उद्धव ठाकरे ने कहा, "पुलिस युवाओं और महिलाओं के साथ मारपीट कर रही है और उनके कपड़े फाड़ रही है. ऐसी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंक देना चाहिए." 

उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली में सीजेपी और अन्य संगठनों की ओर से बुलाए गए विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए की. ठाकरे का कहना है कि लोकतंत्र में लोगों को विरोध जताने और अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए.

पहले पार्टी में हुए रिजीम चेंज को रोकिए: सीएम फडणवीस

ठाकरे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे पहले अपनी ही पार्टी में हुए 'रिजीम  चेंज' को नहीं रोक पाए, तो अब वे किस सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं. फडणवीस ने आरोप लगाया कि जब उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाई, तब शिवसेना के भीतर बड़ा विभाजन हुआ और बड़ी संख्या में नेता अलग होकर दूसरी शिवसेना के साथ चले गए.

फडणवीस ने यह भी कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान से चलता है और यहां फैसले संसद में होंगे, सड़कों पर नहीं. उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को चुनौती देने की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती. उनके मुताबिक, किसी भी बदलाव का रास्ता संवैधानिक प्रक्रिया और चुनाव ही हैं.

यह भी पढ़ें: 'पंडाल गिर रहा है': कैमरे पर दिखी कोलकाता पूजा में भीड़ की अफरा-तफरी, फिर हुआ एक ऐलान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Regime Change, Kiren Rijiju, Delhi Protest
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com