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PM मोदी का पोंगल, दक्षिण भारत का किला भेदने के लिए BJP ने लगाया पूरा जोर

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के निवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल होकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा- यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां लाए.

PM मोदी का पोंगल, दक्षिण भारत का किला भेदने के लिए BJP ने लगाया पूरा जोर
  • PM मोदी ने मंगलवार को तमिलनाडु से राज्य मंत्री एल मुरुगन के आवास पर पोंगल मनाया.
  • केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन MP से राज्यसभा सांसद हैं लेकिन तमिलनाडु की जनता के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देते हैं.
  • बीजेपी के बड़े नेता दक्षिण भारत के राज्यों के दौरे कर पार्टी का जनाधार मजबूत करने और चुनावी तैयारी कर रहे हैं
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नई दिल्ली:

मंगलवार 14 जनवरी को जब उत्तर भारत में मकर संक्रांति की धूम थी तब दक्षिण भारत पोंगल का त्योहार मना रहा था. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पोंगल मनाने केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के सरकारी निवास पर पहुंचे. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री उनके घर गए हों. तमिलनाडु से आने वाले मुरुगन वैसे तो मध्य प्रदेश से राज्य सभा सांसद हैं लेकिन मंत्रिपरिषद में उनकी उपस्थिति तमिलनाडु की जनता को एक बड़ा संदेश भी है. पिछले साल अप्रैल में तमिल नव वर्ष पुत्ताण्डु मनाने के लिए भी पीएम मोदी मुरुगन के नई दिल्ली स्थित आवास गए थे. अब पोंगल के जरिए भी पीएम मोदी ने दक्षिण भारतीयों के लिए अपना संदेश दिया. 

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के निवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल होकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा- यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां लाए.

केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के सरकारी निवास पर पोंगल मनाते पीएम मोदी.

केंद्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के सरकारी निवास पर पोंगल मनाते पीएम मोदी.

कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन ने किया था पुडुचेरी का दौरा

यही नहीं, कार्यकारी अध्यक्ष का कामकाज संभालने के बाद नितिन नवीन का पहला दौरा पुडुचेरी का था. तमिलनाडु से सटे इस छोटे केंद्र शासित प्रदेश में एनडीए की सरकार है. इसी तरह, गृह मंत्री अमित शाह भी केरल और तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं. जबकि प्रधानमंत्री मोदी इस महीने की 23 तारीख को तमिलनाडु जा सकते हैं. नए साल में नितिन नवीन भी तमिलनाडु का दो दिनों का दौरा कर चुके हैं.

दक्षिण का किला भेदने की तैयारी में बीजेपी

बीजेपी के बड़े नेताओं के दक्षिण भारत के चुनावी राज्यों के ये दौरे इन राज्यों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने की ललक बताते हैं. दशकों तक केवल उत्तर भारत की पार्टी होने का दंश झेलती आ रही बीजेपी ने कर्नाटक में अपने बूते पर सरकार बना कर इसे दक्षिण के प्रवेश द्वार के तौर पर स्थापित किया था. आज पुड्डुचेरी और आंध्र प्रदेश में वह सहयोगी दलों के साथ सत्ता में है. कर्नाटक में प्रमुख विपक्षी दल है. केरल में राजधानी तिरुवंनतपुरम में पहली बार उसका मेयर बना. तमिलनाडु में उसके चार विधायक हैं और करीब 11 प्रतिशत वोट हैं.

तमिलनाडु में 50 विधानसभा सीट लड़ने की तैयारी में बीजेपी

इस बार बीजेपी ने तमिलनाडु में पूरी ताकत लगाई है. पिछले लोक सभा चुनाव में उसने छोटी पार्टियों से गठबंधन किया था लेकिन इस बार वह एआईएडीएमके के साथ है. कुछ अन्य दलों को भी साथ लिया गया है और एनडीए का विस्तार करने का प्रयास जारी है. बीजेपी ने इस बार 50 विधानसभा सीट लड़ने की योजना बनाई है और सरकार बनने की स्थिति में वह तीन मंत्री पद भी चाहती है.

बीजेपी के लिए तमिलनाडु और केरल की लड़ाई आसान नहीं

हालांकि बीजेपी के लिए दक्षिण भारत के इन दो प्रमुख राज्यों तमिलनाडु और केरल की लड़ाई आसान नहीं है. तमिलनाडु में बीजेपी हो या कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख राष्ट्रीय दल क्षेत्रीय दलों के भरोसे रहते हैं. जबकि केरल में बीजेपी कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ और सीपीएम की अगुवाई वाले एलडीएफ की टक्कर के बीच अपने लिए जमीन तलाश रही है. हाल के स्थानीय निकाय के चुनावों मिली आंशिक सफलता से उसका उत्साह बढ़ा है.

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