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This Article is From Sep 12, 2025

ट्रंप के सहयोगी नवारो ने पीएम मोदी के साथ झगड़ा करवाने की कोशिश की, पूर्व अमेरिकी NSA का बड़ा दावा

नवारो के सवाल परअमेरिका के पूर्व NSA ने कहा कि अगर आप पीटर को एक कमरे में अकेला छोड़ दें और एक घंटे बाद वापस आएं, तो वह खुद के  साथ ही बहस में पड़ जाएंगे.

ट्रंप के सहयोगी नवारो ने पीएम मोदी के साथ झगड़ा करवाने की कोशिश की, पूर्व अमेरिकी NSA का बड़ा दावा
ट्रंप के व्यापार सलाहकार को लेकर पूक्व NSA का बड़ा दावा.
  • पीटर नवारो ने ट्रंप और मोदी के बीच झगड़ा शुरू करने की कोशिश की, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ा.
  • जॉन बोल्टन ने कहा कि दोनों देशों को नवारो की बातों को नजरअंदाज कर व्यापार वार्ता पर ध्यान देना चाहिए.
  • नवारो ने भारत के रूसी तेल की खरीद और व्यापार प्रथाओं को लेकर आक्रामक बयानबाजी की और धमकी दी.
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नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो (Peter Navarro) लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं. कई लोग मानते हैं कि भारत-अमेरिका के बीच तनाव की वजह भी नवारो ही हैं. पीटर नवारो दरार वाले बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लताड़े जा रहे हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन (John Bolton) ने गुरुवार को NDTV से कहा कि पीटर नवारो ने एक बार ट्रंप और पीएम मोदी के बीच झगड़ा शुरू करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों को नवारो को नजरइंदाज कर देना चाहिए, खासकर तब तक, जब तक "दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता से जुड़े असली वार्ताकार आपस में बैठकर बातचीत नहीं कर लेते.

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बोल्टन ने भारत-अमेरिका मुद्दों पर क्या कहा?

बोल्टन ने कहा कि भारत सोशल मीडिया पर धमकियों और शोरगुल से दूर रहकर कड़ी मेहनत करते हुए यह देख सकता है कि क्या हम यहां किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं. एनडीटीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कह रहा कि ये मुद्दे आसानी से या जल्दी सुलझ जाएंगे, लेकिन मुझे लगता है कि दोनों पक्षों में अच्छी भावना होगी, और यही तरीका है जिससे हम इस समस्या को हल करने की कोशिश कर सकते हैं."

नवारो के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर आप पीटर को एक कमरे में अकेला छोड़ दें और एक घंटे बाद वापस आएं, तो वह खुद के  साथ ही बहस में पड़ जाएंगे."

नवारो की भारत के खिलाफ बयानबाजी

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापार सलाहकार भारत के रूसी तेल की खरीद पर आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं. वह इसे ब्लड मनी कहते रहे हैं. उन्होंने भारत को "टैरिफ महाराजा" करार देते हुए धमकी दी है कि अगर भारत अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में किसी मोड़ पर "आगे नहीं बढ़ा" तो यह उसके लिए अच्छा नहीं होगा.

नवारो के कुछ अन्य बयानों की भी आलोचना हुई थी और इनकी जांच भी की गई थी. उनकी प्रतिक्रिया आक्रामक थी. उन्होंने दावा किया कि भारत के "कीबोर्ड चमचे" "तथ्यों को दबाने" के लिए एक्स पर "कम्युनिटी नोट्स" का इस्तेमाल कर रहे थे.

नवारो को लेकर बोल्टन ने और क्या कहा?

 नवारो के राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच एक बैठक के दौरान बहस शुरू करने की कोशिश वाले सवाल पर बोल्टन ने कहा कि यह एक ऐसी बैठक थी, जहां उनको उम्मीद थी कि दोनों नेता रणनीतिक मुद्दों पर बात करेंगे, जैसे चीन से निपटना, और इस सदी के बाकी हिस्सों में हमारे सामने आने वाले बड़े खतरों से निपटना आदि. लेकिन पीटर, बस उन अनुचित भारतीय व्यापार प्रथाओं के बारे में बात करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि मैंने व्यापारियों को ऐसा करते देखा है. व्यापार के मुद्दों में हमेशा शिकायतें होती हैं. यह विषयवस्तु की प्रकृति में है.

 बोल्टन ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापार बहुत अहम है. "इस सदी में भारत और अमेरिका के बीच, अस्तित्व के बहुत ही जरूरी सवाल हैं. उन्होंने आगे कहा, "मैं व्यापार के महत्व को कम नहीं कर रहा हूं. यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं में बहुत बड़ा अंतर लाता है. इसे परिप्रेक्ष्य में रखने की जरूरत है.
 

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