- संसद की विभाग संबंधी स्थायी समितियों का पुनर्गठन वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है
- राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों को विभिन्न समितियों में शामिल कर उनके अध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं
- बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति का अध्यक्ष बनाया गया है
संसद की विभाग संबंधी स्थायी समितियों का साल 2026-27 के लिए पुनर्गठन कर दिया गया है. राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों को विभिन्न समितियों में शामिल किया गया है. इन समितियों के अध्यक्षों के नाम भी घोषित कर दिए गए हैं. इन पुनर्गठित समितियों में राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों के सांसदों को शामिल किया गया है. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इसके साथ ही सपा सांसद रामगोपाल यादव को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.
प्रमुख समितियां और उनके अध्यक्ष
- वाणिज्य समिति – डॉ. सुधांशु त्रिवेदी
- शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल समिति – मुकुल वासनिक
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति – प्रो. रामगोपाल यादव
- गृह मामलों की समिति – डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल
- उद्योग समिति – तिरुचि शिवा
- कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय समिति – सुजीत कुमार
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन समिति – डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी
- परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति समिति – संजय कुमार झा
- कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण समिति – चरणजीत सिंह चन्नी
- रसायन एवं उर्वरक समिति – डॉ. काकोली घोष दस्तीदार
- कोयला, खान एवं इस्पात समिति – अनुराग सिंह ठाकुर
- संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति – डॉ. निशिकांत दुबे
- उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति – कनिमोझी करुणानिधि
- रक्षा समिति – राधा मोहन सिंह
- ऊर्जा समिति – श्रीरंग अप्पा चंदू बारणे
- विदेश मामले समिति – डॉ. शशि थरूर
- वित्त समिति – भर्तृहरि महताब
- आवास एवं शहरी मामले समिति – मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी
- श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास समिति – शशांक मणि
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस समिति – सुनील दत्तात्रेय तटकरे
- रेल समिति – सुधीर गुप्ता
- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति – सप्तगिरि शंकर उलाका
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता समिति – पी. सी. मोहन
- जल संसाधन समिति – राजीव प्रताप रूडी
क्यों अहम हैं ये समितियां?
संसदीय स्थायी समितियां संसद की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं. ये समितियां अपने-अपने मंत्रालयों और क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर निगरानी, समीक्षा और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएंगी. ये विभिन्न मंत्रालयों के बजटीय प्रस्तावों, विधेयकों और नीतिगत निर्णयों की गहन समीक्षा करती हैं. नए पुनर्गठन के साथ ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएंगी.
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