सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया कंपनियों, विशेष रूप से मेटा, गूगल और स्नैपचैट पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि देश बच्चों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को समय पर नहीं हटाते. दुबे ने आरोप लगाया कि कुछ प्लेटफॉर्म कथित तौर पर एंटी इंडिया कंटेंट और कुछ खास संगठनों की पहुंच बढ़ाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय समिति इस मामले को गंभीरता से देख रही है और जरूरत पड़ने पर सेफ हार्बर प्रावधानों की समीक्षा की जा सकती है.
बच्चों और महिलाओं से जुड़े कंटेंट पर जताई चिंता
निशिकांत दुबे ने कहा कि " चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मैटर (Child Sexual Abuse Matter) और महिलाओं के लिहाज़ से ये देश बहुत संवेदनशील है. पॉर्न कंटेंट (Porn Content) बिल्कुल नहीं चलेगा. महिलाओं का डीप फेक वीडियो जघन्य अपराध है." उन्होंने कहा कि गृह सचिव ने भी समिति के समक्ष यह बात रखी है कि सरकार बच्चों और महिलाओं से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट पर नजर बनाए हुए है. हालांकि, उनके अनुसार कई बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट को समय पर हटाने में विफल रहते हैं.
#WATCH | Delhi: After chairing the meeting of the Parliamentary Standing Committee on Communications & IT, Committee Chairman and BJP MP Dr Nishikant Dubey said, "...Understand the situation that has arisen within the algorithm. What Meta India did, what X did, and what YouTube… pic.twitter.com/L36mSc7bDl
— ANI (@ANI) August 3, 2026
सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाए आरोप
दुबे ने कहा कि "आपत्तिजनक सामग्री को भी ये लोग डाउन नहीं करते हैं. पोर्न वीडियो के ऊपर एड चलाते हैं." उन्होंने मेटा इंडिया, गूगल और स्नैपचैट का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये प्लेटफॉर्म "एंटी इंडिया कंटेंट को आगे बढ़ाते हैं" और कुछ खास प्रकार की सामग्री को अधिक दृश्यता देते हैं.
#WATCH | Delhi: After chairing the meeting of the Parliamentary Standing Committee on Communications & IT, Committee Chairman and BJP MP Dr Nishikant Dubey said, "...The second question is that Meta India removed the Prime Minister's content. This is not the first time Meta India… https://t.co/v05JlI7Vw4 pic.twitter.com/QwpPXCXmIQ
— ANI (@ANI) August 3, 2026
CJP और आरक्षण विरोधी संगठनों का किया उल्लेख
भाजपा सांसद ने कहा, "CJP कॉकरोच जनता पार्टी, आरक्षण विरोध का संगठन, इन सबको आगे बढ़ाते हैं. नए कंटेंट क्रिएटर्स जो लोग एंटी इंडिया हैं उन्हें तरजीह देते हैं. CJP का तीस मिलियन, आरक्षण विरोध संगठन का आठ मिलियन व्यूअर्स देते हैं." उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि इस मुद्दे को संसदीय समिति के समक्ष भी उठाया गया है.
संसदीय समिति की चिंता
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि इस विषय पर समिति के विभिन्न दलों के सदस्य भी चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि "कमेटी के सदस्य कांग्रेस के भी इस बात पर सहमत हैं." उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी शीर्ष राजनीतिक नेता का कंटेंट कई घंटे तक हटाया जा सकता है, तो कंपनियों को अपने निर्णयों के लिए जवाब देना होगा.
जुकरबर्ग से माफी की मांग
दुबे ने कहा, "अगर प्रधानमंत्री का कंटेंट पांच घंटे डिलीट रख सकते हो तो हमारी कमेटी ने कहा कि जुकरबर्ग को माफी मांगना पड़ेगा." उन्होंने आगे कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो "सेफ हार्बर कंटेंट को खत्म कर देंगे."
तेलंगाना सरकार के कदम का किया उल्लेख
भाजपा सांसद ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का नाम लेते हुए कहा, "रेवंत रेड्डी कांग्रेस के हैं लेकिन फिर भी मैं उनका धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने सेफ हार्बर कंटेंट को खत्म करने के लिए FIR दर्ज की है." उन्होंने यह भी कहा कि जुकरबर्ग पहले भी भारतीयों के डेटा के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में खेद जता चुके हैं.
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