- पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं, महिलाएं और स्कूली बच्चे भी इसमें शामिल हैं
- रावलकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग धरना दे रहे हैं और बच्चे आजादी के नारे लगाते हुए पोस्टर लिए हुए दिखे हैं
- इंटरनेट सेवा पांच जून से बंद है और खाद्य सामग्री की आपूर्ति रोकने से स्थानीय लोग और प्रदर्शनकारी असंतुष्ट हैं
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन सोमवार को लगातार 14वें दिन भी जारी रहे. इस आंदोलन ने तब एक नया और अहम मोड़ लिया जब स्कूली बच्चे और महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हो गए. वे आजादी हैं और पाकिस्तान के गैर-कानूनी कब्जे को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. रावलकोट के ईदगाह मैदान में मुख्य विरोध स्थल पर, जहां 70,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी 11 दिनों से ज्यादा समय से धरना दे रहे हैं, दर्जनों स्कूली बच्चे ऐसे पोस्टर और बैनर लिए हुए दिखे जिन पर नारे लिखे थे - "पाकिस्तानी सेना बाहर जाओ", "पाकिस्तानी सेना कश्मीरियों को मार रही है", "कश्मीर में पाकिस्तानी हमला", "हमें बुनियादी अधिकार चाहिए," "हमें मुफ्त शिक्षा चाहिए," "खाने-पीने की चीजें रोकी जा रही हैं और इंटरनेट बंद है" और "UNO, हमें आपकी मदद की जरूरत है."
शहरों और गांवों में महिलाओं का मार्च
विरोध प्रदर्शन रावलकोट के अलावा,कई शहरों और गांवों तक फैल गया है. सुधनोती जिले के तरार खेल में, स्कूल के बच्चे आजादी के नारे लगाने के लिए एक सार्वजनिक चौक पर इकट्ठा हुए. मंडहोल में, सैकड़ों महिलाओं ने इलाके में मार्च किया; वे आजादी के नारे लगा रही थीं और पाकिस्तानी सरकार व सेना को कब्जा करने वाला बताकर उनकी निंदा कर रही थीं.
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विरोध प्रदर्शनों के सीनियर ऑर्गनाइजर सरदार अमन खान ने ईदगाह ग्राउंड में भीड़ को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों को चेतावनी दी कि उनके पास अब बहुत कम गुंजाइश बची है, जबकि PoK के लोगों के पास अभी भी कई विकल्प मौजूद हैं.
कमिटी ने 23 जून की डेडलाइन तय की
इन विरोध प्रदर्शनों को अवामी एक्शन कमिटी (AAC) ऑर्गनाइज कर रही है. कमिटी ने पाकिस्तानी सरकार के सामने 38 मांगों वाला एक चार्टर रखा है और इसे मानने के लिए 23 जून की डेडलाइन तय की है. अगर ये मांगें नहीं मानी गईं, तो AAC नेताओं ने कहा है कि वे रावलकोट से PoK की एडमिनिस्ट्रेटिव राजधानी मुजफ्फराबाद तक 1 लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारियों का मार्च निकालेंगे.
इंटरनेट बंद, खाने का सामान रोका गया
ये विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं, जब एक्टिविस्ट्स के अनुसार मानवीय स्थिति बिगड़ती जा रही है. PoK में 5 जून से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, जिससे बातचीत और मीडिया तक पहुंच बहुत सीमित हो गई है. 14 जून से इस इलाके में आने वाले रास्तों पर फूड ट्रकों को रोका जा रहा है, जिससे कई इलाकों में खाने-पीने की चीजों की कमी हो गई है और लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है. विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी रेंजर्स व सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 58 लोगों की मौत हो चुकी है. 23 जून की समय-सीमा अब कुछ ही दिन दूर है, ऐसे में AAC और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच गतिरोध अपने सबसे अहम दौर में पहुंचता दिख रहा है.
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