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पाकिस्तान ने भारत सीमा पर लगाई चीन से खरीदी SH-15 तोपें, किन इलाकों में हुई इनकी तैनाती ?

India-Pakistan Border: ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना से मुंह की खाने के बाद अब पाकिस्तान की नई हरकत सामने आई है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ सीमा पर चीन से खरीदे गए आधुनिक SH-15 पहियों वाले स्व-चालित तोप गाड़ियों की बड़े पैमाने पर तैनाती की है.

पाकिस्तान ने भारत सीमा पर लगाई चीन से खरीदी SH-15 तोपें, किन इलाकों में हुई इनकी तैनाती ?
पाकिस्तान ने भारत सीमा पर लगाई तोपें
  • पाकिस्तान ने भारत सीमा पर चीन से खरीदी SH-15 तोपें तैनात की है.
  • ये तोपें चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की PCL-181 हॉवित्जर का एक्सपोर्ट वर्जन हैं.
  • इनकी तैनाती गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टन के इलाकों में हुई है

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान अब अपनी सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करने में लगा है. इसी कड़ी में चीन से मिली SH-15 तोपों की सीमा पर तैनाती की गई है. दरअसल, ये तोपें चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की PCL-181 हॉवित्जर का एक्सपोर्ट वर्जन हैं, जिन्हें नोरिन्को कंपनी ने बनाया है. इनकी सबसे बड़ी खासियत है इनकी रफ्तार है. 6x6 बख्तरबंद शानक्सी ट्रक पर लगी ये तोपें 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती हैं. मुश्किल इलाके में मिनटों में पहुंचकर फायर कर सकती हैं और फिर तुरंत जगह बदल सकती हैं. जिन्हें पाकिस्तान ने भारतीय सीमा के पास तैनात किया है. 

कहां-कहां तैनात हैं ये तोपें?

पाकिस्तान ने 2019 में ऐसी 236 तोपों का सौदा किया था. इनकी आपूर्ति 2022 से शुरू हुई थी. जबकि 2023 में दूसरा जत्था भी पाकिस्तान पहुंचा था. सिर्फ खरीद ही नहीं, पाकिस्तान ने टैक्सिला स्थित भारी उद्योग संयंत्र में इन तोपों को बनाने का लाइसेंस भी हासिल कर लिया है. इसके तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण यानी टीओटी समझौता हुआ है. यह पूरी डील पाकिस्तानी सेना के तोपखाना विंग के आधुनिकीकरण और मानकीकरण का हिस्सा है. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इन SH-15 तोपों को मुख्य रूप से भारत का सामना कर रही सैन्य टुकड़ियों में लगाया गया है. इनकी सबसे ज्यादा तैनाती गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टन के इलाकों में हुई है. ये सभी जगहें पाकिस्तान के अंदर गहराई में हैं और 'शकरगढ़ उभार' के सामने पड़ती हैं.

शकरगढ़ उभार क्या है?  

यह वह इलाका है जो जम्मू के दक्षिण, अमृतसर के उत्तर और पठानकोट के पश्चिम में स्थित है. सामरिक दृष्टि से यह भारत के लिए बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है. खुफिया रिपोर्ट कहती है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तान ने इन्हीं तोपों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया था. फिलहाल ये तोपें ज्यादातर उत्तरी पंजाब और पाक-अधिकृत जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र में तैनात हैं. वहीं राजस्थान और गुजरात से सटे रेगिस्तानी इलाकों में पाकिस्तान ने अमेरिका से खरीदे गए M-109 ट्रैक वाले स्व-चालित तोप तैनात किए हैं. ऐसे में यह भी समझना जरुरी है कि दोनों में फर्क क्या है, M-109 में टैंक जैसे पट्टे यानी ट्रैक होते हैं, इसलिए ये रेत और रेगिस्तान में बेहतर चलते हैं. जबकि SH-15 पहियों वाली गन है, जो मैदानी, पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों के लिए ज्यादा उपयुक्त है.

इनकी तैनाती क्या मायने रखती है 

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि SH-15 की तैनाती से पाकिस्तान की आग उगलने की ताकत और जवाबी कार्रवाई की रफ्तार दोनों बढ़ी है. ये तोपें कुछ ही मिनटों में अपनी जगह बदलकर गोले दाग सकती हैं. भारत की सीमा पर इस तरह के हथियारों की बढ़ती तैनाती, पाकिस्तान की मंशा और उसकी तैयारी दोनों को साफ दर्शाती है. क्योंकि पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही अपनी गतिविधियां लगातार तेज करता रहा है. हालांकि भारत हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं.

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