Operation Sindoor Trademark: भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक हमला करने के एक दिन बाद "ऑपरेशन सिंदूर" शब्द के लिए चार ट्रेडमार्क आवेदन दायर किए गए. पहला आवेदन रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की तरफ से आया, जिसने क्लास 41 के तहत दायर किया, जिसमें मनोरंजन, शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, और प्रकाशन से संबंधित सेवाओं को कवर किया गया. रिलायंस के बाद तीन व्यक्तियों ने भी "ऑपरेशन सिंदूर" शब्द के लिए एक ही क्लास 41 के तहत ट्रेडमार्क आवेदन दिए. इस श्रेणी में मनोरंजन सेवाएं, फिल्म और वेब श्रृंखला उत्पादन, सांस्कृतिक गतिविधियां और भाषा प्रशिक्षण शामिल हैं. 4 में से तीन आवेदन "ऑपरेशन सिंदूर" शब्द चिह्न के लिए हैं.
हालांकि एक आवेदन जिसे मुकेश अग्रवाल ने दायर किया, में ऑपरेशन सिंदूर के लोगों के लिए भी एक दावा शामिल है, जिसे भारत सरकार द्वारा जारी किया गया था. परिणामस्वरूप इस आवेदन को "वियना वर्गीकरण" के साथ टैग किया गया है. यह एक वर्गीकरण है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब एक ट्रेडमार्क में दृश्य तत्व जैसे लोगों या डिज़ाइन शामिल होते हैं, जो वियना समझौते के साथ संरेखित होता है.
-
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी -
"डर है कहीं इंसान मशीनों की तरह न सोचने लगें", NDTV World Summit में BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026
शौर्या तिवारी, एडवोकेट, दिल्ली हाईकोर्ट और ट्रेडमार्क और पेटेंट विभाग की पूर्व अधिकारी से खास बातचीत
सवाल-1 क्या कोई व्यक्ति या कम्पनी सरकारी या सैनिक ऑपरेशन्स के नाम का ट्रेडमार्क ले सकती है?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अनेक ट्रेडमार्क आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो नाइस वर्गीकरण के क्लास-41 के तहत आते हैं. इसमें शिक्षा, मनोरजंन, मीडिया और सांस्कृतिक सेवायें आती हैं. ट्रेडमार्क अधिनियम-1999 की धारा-9 (2) (डी) के अनुसार चिन्ह और नाम (अनुचित उपयोग के रोकथाम) अधिनियम 1950 का उल्लंघन करने वाले नामों के ट्रेडमार्क की अर्जी को निरस्त किया जा सकता है.
सरकारी और सैनिक अभियानों के नाम का ट्रेडमार्क नहीं होता. लेकिन ऐसे नाम आमतौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और देशहित में इस्तेमाल किये जाते हैं. इसलिए ट्रेडमार्क कानून के अनुसार जनता को भ्रमित या गुमराह करने वाले या फिर सरकारी पहचान वाले नामों को ट्रेडमार्क के रुप में पंजीकृत नहीं किया जा सकता.
सवाल-2 सरकारी या सैनिक ऑपरेशन्स के ट्रेडमार्क के बारे में क्या नियम हैं?
भारत में सैन्य अभियानों का नामाकरण खुफिया, रक्षा या गृह मंत्रालय द्वारा आंतरिक रुप से चुना जाता है. ऐसे नाम प्रतीकात्मक और तटस्थ होते हैं जो सैन्य मिशन की प्रकृति को दर्शाते हैं. लेकिन सैन्य अभियानों के नामकरण में सरकार उन नामों से बचती है जो विवादास्पद हों या फिर जिनका गलत अर्थ में इस्तेमाल होता है. अमेरिका में सैन्य अभियानों के नामाकरण के लिए आंतरिक कोडिंग सिस्टम होता है, लेकिन भारत में इस बारे में स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं है.
सवाल-3 इस बारे में वियना संधि में क्या प्रावधान है?
वियना वर्गीकरण को वियना समझौते 1973 के अंतर्गत स्थापित किया गया था. इसका इस्तेमाल भारत सहित दुनिया की कई ट्रेडमार्क रजिस्ट्ररियों द्वारा किया जाता है. ट्रेडमार्क के चित्रात्मक घटक जैसे लोगों और प्रतीक चिन्ह के आधार पर ट्रेडमार्क के खोजने और वर्गीकरण में मदद मिलती है. इसकी वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डुप्लीकेट ट्रेडमार्क के रजिस्ट्रेशन को रोकने में मदद मिलती है.
ये भी पढ़ें- पाकिस्तान ने नहीं किया सिंधु समझौते का सम्मान, विदेश सचिव ने बताई Indus Water Treaty की पूरी कहानी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं