चक्रवात 'अर्नब' की दस्तक के बाद ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है. बाहुदा नदी का बाढ़ का पानी अचानक नेशनल हाईवे-16 पर चढ़ जाने की वजह से दोनों राज्यों के बीच भारी वाहनों और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है. इस जलप्रलय की मार सिर्फ थमे हुए रास्तों पर ही नहीं पड़ी है, बल्कि गंजाम जिले के जंगलों में रहने वाले बेजुबान वन्यजीवों पर भी मौत बनकर टूटी है. गंजाम के मैदानी इलाकों में पानी भरने के कारण इस क्षेत्र की शान कहे जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के काले हिरण यानी ब्लैकबक बाढ़ के तेज बहाव में तिनके की तरह बहते दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में ये खूबसूरत जानवर उफनती लहरों के बीच तैरकर अपनी जान बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं.
हाईवे डूबा, थमी दो राज्यों की रफ्तार
बाहुदा नदी में आई अचानक बाढ़ और पहाड़ी नालों के पानी ने आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित इच्छापुरम के पास नेशनल हाईवे-16 को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. पानी का बहाव इतना तेज है कि सड़क पर करीब चार से पांच फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है. इसके चलते कोलकाता से चेन्नई को जोड़ने वाले इस सबसे व्यस्त रूट पर हजारों ट्रकों, बसों और अन्य मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं.

Odisha Flood: गंजाम जिले में बाढ़ के पानी ने तबाही मचाई है. बाहुदा नदी का पानी NH-16 पर पहुंचने से ओडिशा-आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क टूट गया है
Photo Credit: कुमार देव
दोनों राज्यों की सीमाओं पर गाड़ियां जहां की तहां खड़ी हैं और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है. प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक को पूरी तरह से बंद कर दिया है और यात्रियों को इस रास्ते पर न जाने की सख्त हिदायत दी है. दूसरी तरफ बिजली गुल होने और मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद होने के कारण फंसे हुए यात्रियों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है.
संकट में बेजुबान, पानी में तैरती दिखी जिंदगी
इधर मैदानी और रिहायशी इलाकों में पानी घुसने के कारण काले हिरणों के सबसे बड़े प्राकृतिक आवास बदामाधापुर और कैनचापुर पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं. गंजाम जिले के ये इलाके ब्लैकबक के संरक्षण के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. बता दें कि यहां स्थानीय लोग इन जानवरों को भगवान कृष्ण का रूप मानकर अपनी फसलों का नुकसान सहकर भी इनकी रक्षा करते हैं. लेकिन अचानक आई इस बाढ़ के आगे इंसान और जानवर दोनों बेबस नजर आ रहे हैं. बाढ़ के पानी में बहते हिरणों के वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों ने वन विभाग से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इन बेजुबानों को बचाने की गुहार लगाई है.
बिना चेतावनी पानी छोड़ने पर भड़का लोगों का गुस्सा
यह पूरी तबाही तब शुरू हुई जब गंजाम जिले के पात्रापुर ब्लॉक में स्थित बाघालाती बांध से अचानक लगभग 86,000 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ दिया गया. आरोप है कदेर रात बिना किसी पूर्व चेतावनी के छोड़े गए इस भारी पानी के कारण सीमावर्ती इलाकों के दर्जनों गांव पानी में डूब गए. लोग रात के अंधेरे में अपने घरों की छतों पर चढ़कर जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं. सरकारी मदद और राहत सामग्री न मिलने से गुस्साए लोगों ने भंजानगर-ब्रह्मपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया है. प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके घर बाढ़ में बह गए हैं और वे दाने-दाने को तरस रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुध लेने नहीं आया है.
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राहत बचाव तेज, मुख्यमंत्री करेंगे हवाई दौरा
हालात की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी आज राजस्व मंत्री के साथ बाढ़ प्रभावित गंजाम और गजपति जिलों का हवाई दौरा करेंगे. वे हवाई सर्वेक्षण के जरिए बाढ़ की वास्तविक स्थिति और नेशनल हाईवे-16 को हुए नुकसान का जायजा लेंगे. इस बीच एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें प्रभावित गांवों में नावों के जरिए लोगों को निकालकर सुरक्षित कैंपों तक पहुंचाने में जुटी हैं. प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती हाईवे से पानी का स्तर कम होने पर यातायात को बहाल करने और बाढ़ में फंसे दुर्लभ काले हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की है.
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